हादसे के बाद जिंदगी कैसे रंग बदलती है ये कोई बबलू से पूछे। अकेले दम पर गृहस्थी की गाड़ी खींच रहे इस मेहनतकश का आधा धड़ बेकार होने के बाद पत्नी ने भी उससे मुंह मोड़ लिया। इलाज के अभाव में वह बेहद कष्टकारी जीवन जी रहा है।
कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती निवासी 25 वर्षीय बबलू पुत्र भूपराम एक वर्ष पहले सड़क दुघर्टना का शिकार हो गया था। तब उसका आधा धड़ बेकार हो गया। इससे उसका चलना, बैठना भी बंद है और वह घर में चारपाई पर पड़ा रहता है। हालांकि डाक्टर इलाज के बाद उसके ठीक होने की बात कह रहे हैं पर महंगे इलाज का परिवार पर कब्जा नहीं है। परिवार दाने दाने को मोहताज है। इसी इलाज में उसकी जमा पूंजी के साथ दो बीघा जमीन भी बिक गई। कोई भी नाते रिश्तेदार इस मुसीबत की घड़ी में उसकी मदद को तैयार नहीं हैं। बुरे दिनों में जन्म जन्म का साथ निभाने का वादा करने वाली बबलू की पत्नी भी उसका साथ छोड़कर मायके चली गई है। बबलू अब अपनी बूढ़ी दादी रामदेई और विधवा मां हसमुखी के साथ रह रहा है। रामदेई ने बताया कि बबलू ही परिवार में अकेला कमाने वाला था, उसके चारपाई पर आने के बाद परिवार को आर्थिक मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि उन्हें उम्मीद है कि ईश्वर जरूर कोई रास्ता निकालेगा और उनका पोता फिर से उठ खड़ा होगा।