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UP News: बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबी का बरातघर ध्वस्त, 11.30 घंटे तक चली बीडीए की कार्रवाई

Wed, 24 Dec 2025 06:08 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबी वाजिद बेग के बरातघर को बीडीए ने जमींदोज कर दिया। बरातघर को ध्वस्त करने के लिए दो दिन कार्रवाई चली। पहले दिन सात घंटे और दूसरे दिन साढ़े चार घंटे बुलडोजर और पोकलेन मशीन चली। पूरा बरातघर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। 
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वाजिद बेग के बरातघर पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा से नजदीकी और बवाल से पहले अपने आलीशान भवन में उसकी मीटिंग कराने का खामियाजा पूर्व पार्षद एवं प्रॉपर्टी डीलर वाजिद बेग को भुगतना पड़ा। वाजिद के बेग बरातघर को बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) ने मिट्टी में मिला दिया। बरातघर को ध्वस्त करने में दो दिन लगे। 11.30 घंटे तक कार्रवाई चली। बुधवार दोपहर ठीक साढ़े तीन बजे दो मंजिला आलीशान बरातघर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। 

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26 सितंबर की घटना में मौलाना तौकीर रजा के साथ ही वाजिद बेग भी आरोपी है। लेकिन, बीडीए का कहना है कि उसके बरातघर को नक्शा न पास होने और मानक न पूरे होने पर ढहाया है। बीडीए की इस कार्रवाई से फरीदापुर चौधरी गांव के अन्य लोग भी खौफजदा दिखे। तोड़फोड़ की कार्रवाई के पहले दिन मंगलवार को दो बुलडोजरों और एक पोकलेन ने बरातघर पर लगातार सात घंटे वार पर वार किया था तो करीब 35 प्रतिशत ही ध्वस्त हो सका था। दूसरे दिन बुधवार को भी बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार टीम के साथ सुबह 10.30 बजे ही मौके पर आ गए थे। 

यह भी पढ़ें- UP: बवाल से पहले बेग बरातघर में मौलाना तौकीर ने की थी बैठक, यहीं रची थी साजिश; अब चला बीडीए का बुलडोजर
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दूसरे दिन सुबह 11 बजे से शुरू हुई कार्रवाई 
दूसरे दिन की कार्रवाई में और एक पोकलेन लाई गई थी। सुबह 11 बजे से दोनों पोकलेन बरातघर तोड़ने में जुट गई थी, जबकि दो बुलडोजरों को रिजर्व कर लिया गया था। हालांकि, बीच-बीच में जरूरत समझकर बुलडोजरों का भी प्रयोग किया गया। कार्रवाई के बीच में ही 11.20 बजे वाजिद बेग के छोटे भाई आबिद बेग बरातघर और कोर्ट के कागज लेकर पहुंचे थे और वह मीडिया के सामने अपना पक्ष रख रहे थे। लेकिन, देखते ही पुलिस ने उन्हें मौके से खदेड़ दिया था। 

बरातघर को तोड़ने की कार्रवाई बिना किसी बाधा के उस समय तक चलती रही, जब तक दो मंजिला बरातघर मिट्टी में नहीं मिल गया। इस तरह दूसरे दिन साढ़े चार घंटे की तोड़फोड़ के बाद अपराह्न 3.30 बजे खूबसूरत गुंबद समेत भवन की छत ढहकर नीचे जमीन पर गिर गई। इस कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट के तौर पर एसडीएम रामजनम यादव और पुलिस बल का नेतृत्व कर रहे इज्जतनगर थानाध्यक्ष विजेंद्र सिंह मौजूद रहे।

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मिट्टी में मिला बरातघर - फोटो : संवाद
ध्वस्त होते ही खराब हुई पोकलेन
बरातघर की छत जमीन पर धराशाई होते ही दो में से एक पोकलेन में तकनीकी दिक्कत आ गई। हालांकि, अधिकारियों ने टेक्नीशियन को बुलाकर उसे दुरुस्त करा लिया था। फिर शाम को सभी मशीनों के साथ बीडीए की टीम मौके से निकल गई थी।

नहीं मिला स्टे ऑर्डर, मायूस हुए आबिद
वाजिद बेग के छोटे भाई आबिद बेग के बरातघर का बचाने के लिए मंगलवार से ही जुटे थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता से बातचीत कर स्टे ऑर्डर पाने के लिए सुबह ही इमरजेंसी वाद दाखिल करने का प्रयास किया। अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र तैयार कर आबिद के मोबाइल पर व्हाट्सएप भी किया, लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। स्टे ऑर्डर के चक्कर में आबिद पूरे दिन अपने अधिवक्ता से कई बार फोन पर बात की पर नतीजा शून्य ही रहा।

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