बरेली। बिजली निगम के खंभों का इस्तेमाल निजी टेलीकॉम कंपनियां कर रही हैं। खंभों पर बिजली से ज्यादा अन्य लाइनें हैं। बिजली निगम के पुनर्गठन के बाद निगम ने शहर में सर्वे शुरू करा दिया है। सर्वे के बाद बिजली निगम के खंभों का इस्तेमाल करने वाली टेलीकॉम और निजी कंपनियों को एस्टीमेट के साथ डिमांड नोटिस जारी करेगा।
पूरे शहर में एचटी और एलटी लाइनों के बिजली के खंभों पर निजी कंपनियों का कब्जा है। 11 केवी लाइन पर बिजली निगम की तीन मुख्य लाइन और दो गर्डिंग लाइन होती है। नियमानुसार इन खंभों पर अन्य लाइन नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद पूरे शहर में 11 व 33 केवी के खंभों पर निजी कंपनियों की लाइनों का मकड़जाल है। कई बार इनके कारण खंभों और बिजली के पोलों पर करंट भी आ जाता है। बारिश के दिनों में खतरा ज्यादा रहता है। निजी कंपनियां खंभों को इस्तेमाल के बदले बिजली निगम को कोई राजस्व भी नहीं देतीं। पिछले महीने खंभों पर नव वर्ष के होर्डिंग्स लगाते समय सिगलापुर में एक युवक की मौत भी हो गई थी।
तारों के मकड़जाल के सहारे बिजली चोरी
कई इलाकों में खंभों पर अवैध लाइनों के मकड़ताल के सहारे बिजली चोरी भी हो रही है। पिछले दिनों नवादा शेखान, बाकरगंज में बिजली चोरी पकड़ी गई थी। यहां तारों के मकड़जाल के बीच बंच केबल को काटकर चोरी की जा रही थी। बिजली निगम ने अब इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की है।
निजी कंपनियां बिना स्वीकृति के खंभों का इस्तेमाल कर रही हैं। खंभों पर तारों के मकड़ताल से खतरा रहता है। शहर में सर्वे कराया जा रहा है। निजी कंपनियों को एस्टीमेट और डिमांड नोटिस किया जाएगा। - सुरेंद्र गौतम, अधिशासी अधिकारी