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मौसम अपडेट: बरेली में पहले ओले गिरे, फिर हुई झमाझम बरसात, फसलों को नुकसान; यलो अलर्ट जारी

Thu, 08 Oct 2026 10:41 AM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। बुधवार देर शाम से शुरू हुई बारिश रातभर रुक-रुककर होती रही। बृहस्पतिवार तड़के भी तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में धान और गन्ना समेत अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं।  
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बरेली में रातभर रुक-रुककर होती रही बारिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बुधवार शाम जिले का मौसम अचानक बदल गया। शाम ढलते ही काले बादल छा गए। तेज हवा व गरज के साथ ओलावृष्टि और फिर झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 12 घंटे में 39.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। बृहस्पतिवार के लिए भी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान में गिरावट होने से ठंडक भी बढ़ गई है। 

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बुधवार को शाम सात बजे अचानक मौसम ने करवट ली। सीबीगंज, परसाखेड़ा और मीरगंज समेत जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में ओले गिरने लगे। कुछ देर में ही झमाझम बारिश हुई। सड़क पर चल रहे लोगों को सुरक्षित ठिकानों की तलाश करनी पड़ी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बारिश से पहले हुई ओलावृष्टि ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही है।
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मौसम विभाग ने पहले ही बरेली और आसपास के जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए तीन दिन का यलो अलर्ट जारी किया था। मौसम के इस बदले तेवर के बीच बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए भी बारिश का यलो अलर्ट जारी कर 40 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया है। रात का तापमान 3.5 डिग्री की गिरावट के साथ 18.1 डिग्री सेल्सियस रहा। 

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धान और गन्ना समेत अन्य फसलें प्रभावित 
बीते दिनों हुई लगातार बारिश से किसानों की धान की फसल खेत में बिछ गई थी। बुधवार शाम फिर ओलावृष्टि और बारिश होने से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। गन्ने और खेतों मैं पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल समेत अन्य दलहनी-तिलहनी फसलों पर भी संकट गहरा गया है।

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 5.44 लाख से अधिक किसान हैं। इस वर्ष डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में धान की फसल है। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने बताया कि किसानों से खेतों से जलनिकासी की व्यवस्था करने की अपील की है। जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है, उन्हें टोल-फ्री नंबर पर देने की सलाह दी गई है।
 
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