कागजी बसेरा, सड़कों पर कट रही रात
शीतलहर से कंपकंपाते लोगों को सुविधायुक्त रैन बसेरा पहुंचाने के दावे कागजों तक सीमित हैं। इसकी पोल डीएम रविंद्र कुमार के निरीक्षण में खुली। डीएम ने नगर आयुक्त को रैन बसेरों में उचित व्यवस्थाएं करने और खुले में सो रहे लोगों को वहां पहुंचाने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को स्वामी विवेकानंद पार्क के पास स्थित नगर निगम की ओर से संचालित स्थायी रैन बसेरे और पुराने रोडवेज स्थित अस्थायी रैन बसेरे का डीएम ने निरीक्षण किया था। जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं थीं, न ही परिसर में साफ-सफाई मिली।
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उन्होंने सुधार के निर्देश दिए जो दरकिनार रहे। शुक्रवार रात फिर डीएम ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डे का निरीक्षण किया। 12 से अधिक लोग फुटपाथ पर सोते मिले। उन्हें रैन बसेरों में भिजवाया।
अधिकारियों को रैन बसेरों की सूची सभी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करने के निर्देश दिए। ताकि लोग शीतलहर से सुरक्षित रहें। रैन बसेरों में गर्म बिस्तर, गर्म पानी, अलाव व अन्य सुविधा के निर्देश दिए।