बरेली। प्राइवेट अस्पतालों में हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा। सोमवार को मिनी बाईपास पर एक आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए आई महिला को जैसे ही एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया गया, उसकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल का स्टाफ उसे पड़ोस के दूसरे अस्पताल में ले गया लेकिन कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया। महिला के घरवालों ने इसके बाद हंगामा किया तो डॉक्टर ने अस्पताल में ताले डलवा दिए और अपने स्टाफ के साथ खिसक गया। महिला के परिवार के लोग देर रात तक महिला के शव के साथ अस्पताल में ही जमे हुए थे।
रहपुरा चौधरी में रहने वाले शहीद खान की पत्नी 40 वर्षीय जाहिदा को मोतियाबिंद था। मिनी बाईपास पर एक अस्पताल में दिखाने पर डॉक्टर ने उनसे ऑपरेशन कराने को कहा था। सोमवार शाम करीब छह बजे जाहिदा अपने पति के साथ ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचीं। ऑपरेशन से पहले डॉक्टर ने जैसे ही उनकी आंख में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया, उनकी हालत बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में वह निश्चेष्ट हो गईं। डॉक्टर ने उन्हें हिलाडुलाकर बात करने की कोशिश की लेकिन जाहिदा कुछ बोल भी नहीं सकीं। घबराकर डॉक्टर अपने स्टाफ की मदद से जाहिदा को पड़ोस के ही दूसरे अस्पताल में ले गए जहां उन्हें भर्ती करके इलाज शुरू किया गया लेकिन 15 मिनट बाद ही यहां भी डॉक्टरों हाथ खड़े कर दिए।
आई हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ इसके बाद जाहिदा को डीडीपुरम के एक दूसरे अस्पताल में ले गए जहां उन्हें मृत बता दिया गया। इसके बाद जाहिदा के शव को वापस आई हॉस्पिटल लाकर उनके पति के सुपुर्द कर दिया गया। पत्नी की मौत से सकते में आए शहीद खान ने अपने परिवार वालों को बुला लिया। इसके बाद अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू हो गया। अस्पताल प्रबंधन ने पहले तो जाहिदा के परिवार वालों को शांत करने की कोशिश की और फिर अस्पताल बंद करके वहां से खिसक लिए। परिवार वाले देर रात तक अस्पताल के बाहर ही उसके मालिक को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। हंगामे की खबर पर पुलिस भी पहुंच गई। कर्मचारी नगर चौकी प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि उन्हें अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए उन्हें कई बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव ही नहीं किया।
आई हॉस्पिटल में ही हुई मौत
जाहिदा के चचिया ससुर अनवर खान का आरोप है कि उनकी बहू जाहिदा की ऑपरेशन के दौरान आई हॉस्पिटल में ही मौत हो गई थी। इसके बाद डॉक्टर और उसका स्टाफ अपनी गाड़ी में उसका शव लेकर इधर-उधर घूमते रहे और परिवार वालों को गुमराह करते रहे।
शिकायत करें तो होगी जांच
मुझे मामले की जानकारी नहीं है। परिजन शिकायत करते हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - विनीत कुमार शुक्ल, सीएमओ
ऑपरेशन से पहले जरूरी है पूरी जांच
ऑपरेशन करने से पहले मरीज का पूरा चेकअप किया जाता है ताकि यह पुष्टि हो जाए कि कहीं उसे डायबिटीज, बीपी या हार्ट से संबंधित कोई और बीमारी तो नहीं है। किसी दवा से कोई एलर्जी भी हो सकती है। ये सब चेकअप करने के बाद ही ऑपरेशन करते हैं। आंख में इंजेक्शन लगाने से मौत तभी हो सकती है जब मरीज को उस दवा से एलर्जी हो। इसके अलावा कई और भी कारण हो सकते हैं। मरीज को यदि हार्ट की दिक्कत है तब भी इंजेक्शन लगाने पर घबराहट से उसकी मौत हो सकती है। हालांकि यह सब जांच का विषय है। - डॉ. भ्रमरेश शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ