बरेली। हवा चलने से प्रदूषण में थोड़ा बहुत सुधार भले ही हुआ हो, लेकिन शहर की हवा अब भी दम घोंटू है। जरा सी लापरवाही सेहत बिगाड़ सकती है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ पार्टीकुलेट मैटर (पीएम-2.5 और पीएम-10) का स्तर अब भी खतरनाक स्थिति में है। गुरुवार को एक्यूआई का स्तर 400 के आसपास रहा। हालांकि पर्यावरणविदों के अनुसार हवा चलती रहे या बूंदाबांदी हो जाए तो स्थिति जल्द सुधर सकती है।
दिवाली पर सेटेलाइट पर पीएम-2.5 259 और पीएम-10 597 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद शहर में प्रदूषण की स्थिति लगातार खराब होती गई। सेटेलाइट पर गुरुवार को पीएम-2.5 244 और पीएम-10 407 मिला। यानी दिवाली के बाद से स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। डेलापीर पर पीएम-2.5 237 और पीएम-10 539 मिला था जो गुरुवार को 281 और 287 मिला। यहां कुछ सुधार हुआ है लेकिन स्थिति अब भी खराब है। चौकी चौराहा पर गुरुवार को पीएम-2.5 240 और पीएम-10 303 मिला, जबकि अयूब खां चौराहा पर इसकी स्थिति 276 और 382 मिली। इसके अलावा शहर में एक्यूआई की स्थिति भी 400 के आसपास बनी हुई है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत प्रदूषण पर रिसर्च कर रहे पर्यावरणविद डॉ. डीके सक्सेना का कहना है कि बुधवार को सेटेलाइट, चौकी चौराहा, अयूब खां और डेलापीर पर पीएम- 2.5 और पीएम-10 का डाटा लिया गया। हवा में प्रदूषण के स्तर में अभी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। पीएम 2.5 की मात्रा 60 से ऊपर खतरनाक मानी जाती है जबकि पीएम-10 की मात्रा 100 के ऊपर खतरनाक होती है। इन दिनों इन दोनों का स्तर खतरनाक स्थिति में है। एक्यूआई की स्थिति में कुछ सुधार हो रहा है।