बरेली। विकास के लिए हम दूसरे देशों की नकल नहीं कर सकते। एक समय में एक देश के लिए जो विकास का रास्ता होता है, वही दूसरे के लिए विनाश का मार्ग भी हो सकता है। हमारे देश के लिए जो विकास का रास्ता है, वह यहीं के मुताबिक है। यह अमेरिका या यूरोपीय देशों की नकल नहीं है। दिल्ली, मुंबई के विकास से नहीं, बल्कि रिठौरा, हाफिजगंज जैसे इलाकों के विकास से देश विकसित होगा।
ये बातें एनटीए (राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी) के चेयरमैन और संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. पीके जोशी ने कहीं। वह उप्र उच्च शिक्षा परिषद की ओर से बरेली कॉलेज के वाणिज्य विभाग में ''भारत 2047 : विकसित राष्ट्र की दिशा में प्रमुख प्रेरक शक्तियां और क्षेत्रीय उत्प्रेरक'' विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हमें पिछड़े व छोटे शहरों, मूल सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देना होगा।
इसके बाद मंच पर उपस्थित अतिथियों ने स्मारिका का विमोचन किया। आयोजन सचिव प्रो. भूपेंद्र सिंह ने इस मुहिम में युवाओं के योगदान को रेखांकित किया। युवाओं की 65 प्रतिशत आबादी को इसका मूल आधार बताया। उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित हुए दो तकनीकी सत्रों में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों से आए शिक्षकों, शोधार्थियों व छात्र-छात्राओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इससे पहले मंचासीन अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बाद में संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना व महाविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया।
भारत बनेगा विश्व गुरु : संजीव
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने कहा कि मोदी कर्म से संत हैं तो योगी धर्म और कर्म दोनों से संत हैं। यह देव काल चल रहा है। इनके काल में भारत विश्व गुरु बनेगा। अखंड भारत का निर्माण होगा। सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए कृषि से अंतरिक्ष तक तीव्र विकास की वकालत की। विशिष्ट अतिथि प्रो. राजकुमार ने कहा कि भारत 2047 की परिकल्पना केवल आर्थिक और तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समावेशी, आत्मनिर्भर और नवाचार से परिपूर्ण भारत की ओर बढ़ने की प्रक्रिया है। संवाद