विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे
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विश्व हिंदू परिषद 1964 में स्थापना के बाद से लगातार हिंदू समाज को एकजुट करने और उसकी सुरक्षा का दायित्व संभालने का काम कर रहा है। सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर हिंदुओं को ताकतवर बनाने पर जोर है। विहिप मुस्लिम और ईसाई के विरुद्ध नहीं, सिर्फ हिंदू के हित में हैं।
हिंदू समाज स्वार्थी और ईर्ष्यालु बना, इसलिए उसकी दुर्दशा बढ़ रही है। उसमें पराक्रम की कमी नहीं, सिर्फ जाति में बंटने के बजाए एकजुट होना होगा। यह कहना विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे का है।
शहर के एक होटल में रविवार को पहले उन्होंने कार्यकर्ताओं संग बैठक कर उनमें जोश भरा। खुद सक्रिय होने के साथ ही हिंदू समाज को कुरीतियां दूर करने की जिम्मेदारी सौंपी और संगठन द्वारा किए गए कार्यों को गिनाते हुए आगामी रणनीति के तहत काम करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद की बात करें तो देश के पांच राज्यों में हिंदू समाज अल्पसंख्यक की श्रेणी में पहुंच चुका है। यह चिंता का विषय है। राममंदिर को लेकर कहा कि भव्य मंदिर वहीं बनेगा, जहां पर बनना है। कुछ माह की देरी को लेकर निराश न हों। केंद्र सरकार की ओर से विवादित टुकड़े के अलावा बाकी जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका की सराहना की।