अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा संयंत्र
यह संयंत्र पूरी तरह से शून्य अपशिष्ट प्रबंधन की अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा। इसमें कचरे को संसाधित कर उसे उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित किया जाएगा। घरों से गीला और सूखा कचरा घर-घर संग्रहण के जरिए अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। इस प्रक्रिया से बायोगैस, सीएनजी और उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद का उत्पादन होगा, जो पर्यावरण और राजस्व दोनों के लिए फायदेमंद है।
स्वच्छता रैंकिंग में सुधार की उम्मीद
नगर निगम इस संयंत्र को शहर की स्वच्छता पायदान सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। दरअसल, पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में बरेली की श्रेणी काफी कमजोर रही थी। इसका मुख्य कारण शहर में जमा पुराने कचरे का निस्तारण न होना और ठोस कचरा प्रसंस्करण संयंत्र की कमी थी। सथरापुर संयंत्र इन सभी तकनीकी कमियों को दूर करेगा, जिससे आगामी केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में बरेली को बेहतर श्रेणी मिलने की उम्मीद है।