फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रियल एस्टेट को गति देने के लिए इनकम टैक्स और सर्किल रेट में छूट का इंतजार

विज्ञापन
इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी कर रहा है अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन - फोटो : Invertis
विज्ञापन

रजिस्ट्री में मिलने के बाद बिल्डरों को जागी कुछ और विशेष रियायतें मिलने की उम्मीद

बरेली। करीब चार साल से मंदी की मार झेल रहे रियल एस्टेट बिजनेस को कोरोना संकट ने बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। इससे उबर पाना बिल्डरों के लिए आसान नहीं लग रहा है। हालांकि शासन के राहत देने के बाद बैनामा कराने की रफ्तार कुछ बढ़ी है। इससे बिल्डरों की कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है, लेकिन कारोबारियों का कहना है कि सरकार को संपत्तियों की खरीद में इनकम टैक्स में छूट देने के साथ ही सर्किल रेट में भी कमी लानी चाहिए, तभी संकट दूर होगा।
विज्ञापन

नोटबंदी से लड़खड़ाया रियल एस्टेट कारोबार अब तक संभल नहीं पाया है। हालांकि पिछले साल इसमें कुछ सुधार दिखाई दिया था, लेकिन इस साल कोरोना संकट ने इसे बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। बिल्डरों के कई अरब के प्रोजेक्ट तैयार हैं लेकिन ग्राहक नहीं मिल रहे हैं, इससे बिल्डरों की रकम फंस गई है। हालांकि 16 अप्रैल से रजिस्ट्री शुरू होने के बाद कारोबार के कुछ गति पकड़ने की उम्मीद लगाई जा रही है। बिल्डरों का कहना है कि रजिस्ट्री में ई-स्टांप और ऑनलाइन फीस जमा करने की बाध्यता खत्म होने से जमीन-मकान की खरीद-फरोख्त में कुछ बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार अगर जबरदस्त मंदी को देेखते हुए संपत्तियों की खरीद में आयकर और सर्किल रेट में छूट भी दे दे तो ग्राहकों के साथ बिल्डरों को भी बड़ी राहत मिल जाएगी।

5000 मकानों की नहीं हो पा रही बिक्री

फरीदपुर रोड, सीबीगंज, नैनीताल रोड, पीलीभीत बाईपास रोड सहित शहर में कई जगहों पर बिल्डरों के कई अरब के 15 से ज्यादा प्रोजेक्ट फंसे हुए हैं। इनमें लगभग 5000 आवास बिक्री के लिए तैयार हैं। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं, जिनकी बिक्री कई वर्षों से नहीं हो पा रही है।

रजिस्ट्री विभाग में अभी ज्यादातर प्लॉटों के ही हो रहे बैनामे

सरकार से ई-स्टांप और नकद फीस की राहत मिलने के बाद रजिस्ट्री विभाग में बैनामा कराने वाली की संख्या बढ़ी है। रजिस्ट्री विभाग ने लॉकडाउन के बाद शुक्रवार को जिले में सर्वाधिक 85 बैनामा किए। इससे करीब 50 लाख रुपये की आमदनी विभाग को हुई है। इससे पहले बुधवार को 50 बैनामा हुए थे।

बैनामा कराने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि अभी ज्यादातर प्लॉटों की ही रजिस्ट्री हो रही है। जल्द ही दूसरी संपत्तियों की भी खरीद-फरोख्त होने की उम्मीद है। - ब्रजेश कुमार, सब रजिस्टार

रजिस्ट्री में राहत देने से संपत्तियों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद जागी है, लेकिन सरकार को मौजूदा आर्थिक संकट को देखते हुए संपत्तियों की खरीद में आयकर की छूट, सर्किल रेट में कमी सहित कई और फैसले भी लेने चाहिए। - सुनील गुप्ता, सेक्रेटरी, क्रेडाई

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें