बरेली। बरेली कॉलेज को रुहेलखंड विश्वविद्यालय से हाल ही में बीएएलएलबी (बैचलर इन लीगल लेजिस्लेटिव लॉ) व एमएससी बायोटेक्नोलॉजी की अनुमति मिली है। इसके बाद अब एलएलएम (लैटिन लेगम मैजिस्टर या विधि परास्नातक) और एमए एजुकेशन जैसे कोर्स शुरू करने लिए रुविवि को प्रस्ताव भेज चुका है।
यदि ये कोर्स शुरू हो जाते हैं तो बरेली कॉलेज अर्धसरकारी संस्थान रहेगा, जिसमें एलएलएम शुरू हो सकेगा। हालांकि ये कोर्स भी सेल्फ फाइनेंस के रूप में संचालित होंगे। वहीं, बीएएलएलबी के लिए अब बार काउंसिल का दौरा बाकी है, जबकि एमएससी बॉटनी को नए सत्र में शुरू करने की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। इसके लिए बॉटनी विभाग में ही कक्ष तैयार किए गए हैं। पूर्व स्थापना प्रभारी प्रो. दयाराम गंगवार ने इन प्रस्तावों के अलावा दो और कोर्स के प्रस्ताव भेजे, उन्होंने बताया कि एलएलएम के लिए काफी डिमांड है इसलिए इसका प्रस्ताव भी विश्वविद्यालय को भेजा गया है। वहीं, एमए शिक्षा को प्रस्ताव में इसलिए शामिल किया गया है, कि जो विद्यार्थी बीएड न करके शिक्षा में परास्नातक करना चाहते हैं, या उच्च शिक्षा में कॅरिअर बनाना चाहते हैं तो ये कोर्स कारगर रहेगा। छात्रों की बढ़ती डिमांड प्रस्ताव भेजने के बाद विश्वविद्यालय से मंजूरी का इंतजार है, इसके बाद कॉलेज अपने स्तर से तैयारी शुरू कर देगा।