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गारद आने के इंतजार में दो घंटे रखा रहा हेमंत का शव

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गारद आने के इंतजार में दो घंटे रखा रहा हेमंत का शव - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। हाथी के हमले में मारे गए वन रक्षक हेमंत के अंतिम संस्कार के दौरान भी वन विभाग तत्परता नहीं दिखा पाया। अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए श्मशान घाट पर हेमंत का शव गारद आने के इंतजार में दो घंटे रखा रहा। जब गारद पहुंची तब गार्ड ऑफ ऑनर के बाद अंतिम संस्कार किया जा सका।
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हेमंत कुमार की मौत पर दूसरे दिन भी बाला जी कॉलोनी में मातमी सन्नाटा छाया रहा। सुबह करीब नौ बजे शासन की ओर से प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील पांडेय हेमंत के घर पहुंचे और परिवार के लोगों से बात कर उन्हें ढांढस बंधाया। दस बजे के बाद हेमंत की शवयात्रा सिटी श्मशान घाट के लिए निकली। करीब 11 बजे शवयात्रा के साथ प्रधान मुख्य वन संरक्षक, डीएफओ भारतलाल, मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा समेत कई वन अधिकारी और वनकर्मी भी श्मशान घाट पहुंचे। परिवार वालों को बताया गया था कि हेमंत की मौत ड्यूटी के दौरान हुई है इसलिए उसका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ करते हुए उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा, लेकिन श्मशान घाट पहुंचने के बाद पता चला कि गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए सशस्त्र गारद ही वहां नहीं पहुंची है। दरअसल वन विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार सुबह ही इसके लिए एसएसपी को अर्जी दी थी। इसके बाद एसएसपी ने आरआई को आदेश किया और फिर आरआई ने गारद का इंतजाम किया।
करीब एक बजे पुलिस लाइन से सशस्त्र गारद श्मशान घाट पहुंची तब हेमंत के शव को चिता पर रखा गया। इसके बाद सबसे पहले शासन की ओर से प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील पांडेय ने हेमंत के शव पर पुष्प चक्र चढ़ा उन्हें श्रद्धांजलि दी। फिर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ईको विकास संजय श्रीवास्तव, मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा, वन संरक्षक जावेद अहमद, डीएफओ भारतलाल, मुख्य वन संरक्षक (रिसर्च) रामप्रकाश वर्मा समेत कई रेंज अधिकारी, एसडीओ व सभी वनकर्मियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। ंपुलिस लाइन से आई गारद ने हेमंत को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम सलामी दी। इसके बाद चिता को हेमंत के छह वर्षीय पुत्र निकेत ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर हेमंत के स्वसुर नत्थूलाल राठौर, हेमंत के पिता कांती स्वरूप व हेमंत के भाई समेत मुहल्ले के अधिकांश लोग मौजूद रहे।
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