बरेली। पांच दिन से 40 डिग्री के पार दर्ज हो रहा अधिकतम तापमान अब बच्चों समेत युवा और बुजुर्गों को भी बीमार बना रहा है। ओपीडी में पहुंच रहे मरीजाें में से 35 फीसदी में डायरिया के लक्षण मिल रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक माहभर पहले की तुलना में अब डायरिया 20 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एके सक्सेना के मुताबिक गर्मियों में स्वच्छता और खानपान का ध्यान रखने के साथ ही तेज धूप से बचाव बेहद जरूरी है। इनकी अनदेखी सेहत पर भारी पड़ रही है। नतीजा लोग डायरिया समेत अन्य बैक्टीरिया जनित रोगों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को 866 नए परचे बने। इनमें से 35 फीसदी मरीज उल्टी, दस्त, मितली, कच्ची डकार, सीने में दर्द, पेट फूलना, बेचैनी जैसी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। बताया कि दूषित भोजन, पानी के सेवन से तकलीफ होती है।
वहीं, कई क्रोनिक डायरिया की चपेट में भी मिल रहे हैं। सुझाव दिया कि अगर दस्त हो रहे हैं तो दूध, पनीर, आइसक्रीम और मसालेदार भोजन नहीं करना चाहिए। इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। तकलीफ बढ़ सकती है।
नेत्र रोग की ओपीडी में भी बढ़ रहे मरीज
तीन सौ बेड अस्पताल में नेत्र रोग की ओपीडी में अब मरीजों की तादाद 25 फीसदी बढ़ गई है। आंखों में जलन, लालिमा, पानी आना, सूखापन, खुजली, सूजन की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। 70-80 मरीजों की ओपीडी अब सौ के पार पहुंच रही है। एआरवी क्लीनिक पर 160 लोगों को वैक्सीन लगी। फिजिशियन ने 90 मरीजों को देखा और दवाएं दीं।
300 बेड अस्पताल में पांच बेड का कोल्ड रूम बनाने के निर्देश
तप रहे पारा से अब लोगों के लू की चपेट में आने की आशंका भी बढ़ने लगी है। शासनादेश के तहत अब 300 बेड अस्पताल में भी पांच बेड का कोल्ड रूम बनाने के निर्देश सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने दिए हैं। यहां पंखा, कूलर समेत आइसपैक, ओआरएस के पैकेट, संभावित बीमारियों की दवाएं रखने के निर्देश हैं, ताकि मरीज पहुंचे तो उसे इमरजेंसी इलाज मिल सके।