वॉलीबाल और खो-खो के बाद एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की एक और टीम इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में नहीं जा पाई। पहले दो टीमें फिजिकली अनफिट होने के कारण रद्द कर दी गईं थी और अब शतरंज की टीम विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण नहीं जा पाई। टीम चयनित करने के बाद विश्वविद्यालय ने टीम भेजने से हाथ खड़े कर दिए। चयनित छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की है।
दस अक्तूबर को एनएमएस दास कालेज बदायूं में अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता से चयन समिति ने शतरंज के बारह खिलाड़ियों को चुना। इसमें बरेली कॉलेज बरेली, विवि कैंपस, जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर, एसएस कॉलेज शाहजहांपुर के खिलाड़ी शामिल थे। इसमें पांच खिलाड़ियों को शुक्रवार से आईकेजीपीटीयू जालंधर में शुरू होने वाली इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता के लिए चुनकर भेजना था। न दास कॉलेज ने इन खिलाड़ियों के रिकार्ड विश्वविद्यालय को दिए और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतियोगिता की जानकारी ली। इसी गफलत में पांच खिलाड़ियों की टीम ही नहीं बन सकी। शुक्रवार को चुने गए सभी बारह छात्र विश्वविद्यालय पहुंचे और टीम को जालंधर भेजने की मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कहते हुए टीम भेजने से मना कर दिया कि उनके पास रिकार्ड नहीं आए और न ही टीम मैनेजर है। खिलाड़ियों ने यहां तक कहा कि वह अपने खर्चे से चले जाएंगे उसपर भी विवि प्रशासन तैयार नहीं हुआ। चयनित खिलाड़ियों कई प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं, लेकिन विवि की लापरवाही के कारण प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा मौका हाथ से चला गया। चुने गए खिलाड़ी तुषार, आशीष शर्मा, प्रिंस शर्मा, नारायण सिंह, कृष्णा आदि ने कुलसचिव शिकायती पत्र दिया है।
खिलाड़ी बोले, एआईयू से करेंगे शिकायत
खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता मेन्युअल कराने पर ही विरोध जताया। कहा कि पहले साफ्टवेयर से प्रतियोगिता होती थी तो तुरंत पांच खिलाड़ी चुन लिए जाते थे। इस बार चुने गए खिलाड़ियों की योग्यता ही नहीं निर्धारित कर पाए। इसमें खिलाड़ियों का क्या दोष। छात्रों नेे कहा कि मामले की शिकायत एआईयू से करेंगे। विवि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा वो क्यों भुगतें।
वर्जन
संबंधित यूनिवर्सिटी से समय पर जानकारी नहीं मिल पाई, दास कॉलेज से भी रिकार्ड नहीं आ पाए। इसलिए टीम नहीं भेज पाए इसका अफसोस है। संबंधित कॉलेज से जवाब तलब करेंगे।
-प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव