कॉलेजों द्वारा प्राइवेट परीक्षा फार्म का अग्रसारण शुल्क लेने की व्यवस्था में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बदलाव करने जा रहा है। कॉलेज संचालकों को इससे करारा झटका लगेगा। नई व्यवस्था में वो छात्र से मनमाना अग्रसारण शुल्क वसूलना तो दूर की बात सीधे शुल्क ही नहीं ले पाएंगे। विद्यार्थी सीधे विवि को आनलाइन परीक्षा फार्म के साथ ही अग्रसारण शुल्क का भुगतान करेगा जिसको विवि एक मुश्त कॉलेजों को ट्रांसफर करेगा। कॉलेजों द्वारा मनमाना अग्रसारण शुल्क वसूलने की कई शिकायतें पहुंचने के बाद विवि यह कदम उठा रहा है।
कॉलेज तय कर लेते हैं कितना वसूलना है अग्रसारण शुल्क
स्नातक स्तर की कक्षाओं में 40 रुपये और परास्नातक में 60 रुपये प्राइवेट परीक्षा फार्म का शुल्क है। कॉलेज डेवलपमेंट फीस के नाम पर विद्यार्थियों से आठ सौ से एक हजार रुपये तक अग्रसारण शुल्क वसूल लेते हैं। चूंकि कॉलेज इसकी कोई रसीद नहीं देते इसलिए उनपर कार्रवाई भी नहीं पाती। इस बार भी कॉलेज एक हजार रुपये तक अग्रसारण शुल्क वसूल रहे हैं। बरेली कॉलेज की ही बात करें तो तीन सौ से ज्यादा अग्रसारण शुल्क लिया जाता है।
अब यह होगी व्यवस्था
विद्यार्थी जब प्राइवेट परीक्षा फार्म भरेंगे उसी समय अग्रसारण शुल्क भी जमा करा लिया जाएगा। अगर किसी एक कॉलेज में एक हजार प्राइवेट फार्म भरे गए हैं तो उतना पैसा कॉलेज को एक मुश्त विवि ट्रांसफर कर देगा। कॉलेज फार्म जमा करते वक्त कोई शुल्क नहीं ले पाएंगे। विवि प्रशासन अब इसपर मंथन कर रहा है कि कॉलेज विकास शुल्क में जो पैसा लेते हैं उसको किस तरह से निर्धारित किया जाए ताकी आनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद वो पैसा कॉलेजों को दिया जा सके।
वर्जन
प्राइवेट परीक्षा फार्म का अग्रसारण शुल्क ज्यादा वसूलने की शिकायतें आ रही हैं। व्यवस्था को बदलने की तैयारी कर रहे हैं। छात्र ऑनलाइन अग्रसारण शुल्क फार्म के साथ ही जमा कर देंगे। वह शुल्क कॉलेजों को एक मुश्त वापस कर दिया जाएगा। अगले शैक्षिक सत्र से इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
-प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला, कुलपति