Virender and lashed it in the heartland vote Virpal
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
मतदान के बाद हार जीत का सबसे ज्यादा गुणा भाग बिथरीचैनपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहा है। यहां पर बसपा,सपा और भाजपा के बीच मुकाबला रहा है। इस सीट पर बसपा से मौजूदा विधायक वीरेंद्र सिंह और सपा से पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव मैदान में थे तो भाजपा ने राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू पर दांव लगाया था। मतदान के बाद तीनों ही प्रत्याशी अपने अपने दावे कर रहे हैं। नतीजा जो भी आए लेकिन वोटिंग ट्रेंड के हिसाब से प्रत्याशियों को कुछ इशारा तो मिल ही रहा है।
इन नेताओं के गृह ब्लाकवार मतदान के आंकड़ों को देखे तो बसपा और सपा दोनों ही दलों के प्रत्याशियों ने अपने बर्चस्व वाले ब्लाकों में 65 फीसदी से अधिक वोट पड़वाए हैं। ऐसा नहीं है कि दिग्गज नेता अपने गढ़ वाले ब्लाक तक ही सीमित रहे हों, इन्होंने एक दूसरे के गढ़ में सेेंधमारी की कोशिश की है। जातीय और धार्मिक गणित के हिसाब से भी प्रत्याशी इन गढ़ों में अपने हिसाब से वोटों का बंटवारा कर रहे हैं।
बिथरीचैनपुर बसपा विधायक वीरेंद्र सिंह का गढ़ है, यहां के 1,09,565 मतों में से 71,982 वोट पड़े हैं जो कि 65.7 फीसदी हुआ। इसी तरह आलमपुर जाफराबाद ब्लाक सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह का गढ़ माना जाता है। उनके इस ब्लाक के 1,19,855 मतों में से 78,941 वोट पडे हैं, जो 65.8 फीसदी हुआ। मझगवां ब्लाक पर भाजपा के ज्यादा असर वाला ब्लाक माना गया है। यहां के 44,840 मतदाताओं में से 27,039 ने वोट दिए हैं। इस ब्लाक में 62 फीसदी मतदान हुआ है। जो कि चारों ब्लाकों का संख्या और प्रतिशत दोनों में ही कम है। इनके अलावा क्यारा ब्लाक के 88,471 वोट में से55,406 वोट पढ़े हैं जो कि 62 फीसदी है। यहां के वोटों पर तीनों का दावा है।
प्रत्याशियों के प्रभाव वाले इन ब्लाकों में एक दूसरे ने सेंधमारी के दावे किए हैं लेकिन उनके दावे कितने सफल रहे हैं यह मतगणना में स्पष्ट हो सकेगा।