अनियमित खानपान, अनिद्रा, दिमागी तनाव और देर रात तक काम करने की आदत से हमारी प्रतिरोधक क्षमता घट रही है। इसके अलावा मौसमी बदलाव के दौरान भी बाहरी बैक्टीरिया व वारयस ज्यादा शक्तिशाली हो जाते हैं। ’होम्योपैथी में जीवनदायनी शक्ति यानी वाइटल फोर्स का सिद्धांत काम करता है’। चूंकि यह पद्धति रोग से ऊपर रोगी को रखती है और इसका मानना है हर व्यक्ति एक अलग इकाई है और सबकी दवा भी अलग है। मानव शरीर हो या पेड़ पौधे सभी का शरीर वाइटल फोर्स से ही कंट्रोल होता है। होम्योपैथी में मरीज को ऐसी दवा दी जाती है जो उसकी वाइटल फोर्स को सही स्थिति में ला देेती है। इंसानों में रोग प्रतिरोधक शक्ति का संतुलन बने रहने से बीमारियां दूर रहती है उसी प्रकार पेड़ पौधों के इम्यून सिस्टम को भी होम्योपैथी संतुलित रखती है और उनमें लगने वाले सामान्य रोगों के अलावा वायरल बीमारियों के उपचार में अभूतपूर्व परिणाम मिलते है। - डॉ. विकास वर्मा
आर्सेनिक एलबम.30 दवा के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसे दवा को दिन में तीन बार लेना होता है। जरूरत पड़ने पर बाद में कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फिर भी यह बीमारी ठीक नहीं होती है तो होम्योपैथी में बीमारी के लक्षणों के आधार पर डॉक्टर दवा खाने की सलाह देते हैं। आमतौर पर एक हफ्ते में व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। आर्सेनिक एलबम बचाव और इलाज दोनों के लिए ही इस्तेमाल की जा सकती है। - डॉ. प्रवीण गुप्ताविज्ञापन
कोरोना वायरस एक सामान्य वायरल से होने वाला वायरस है और बहुत तेजी से फैल रहा है। यह कम प्रतिरोधक क्षमता वालों में फेफड़ों को प्रभावित करता है। ऐसे में जुकाम, सर्दी, छींक व नाक से पानी आना तथा सिरदर्द होने और बुखार या खांसी को दूर करने के लिए आर्सेनिक एलबम .30 लाभदायक है। संबंधित लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टरों को दिखाना चाहिए। - डॉ. सुधांशु आर्या