फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रामीणों ने पशुओं को सरकारी अस्पताल में किया बंद, सात नामजद, 35 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट

Tue, 22 Jan 2019 02:12 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला,
विज्ञापन
अस्पताल में मौजूद ग्रामीण और पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

खेत में फसल बर्बाद कर रहे गोवंशीय पशुओं को ग्रामीणों ने सोमवार को गांव राजनपुर के सरकारी अस्पताल में घेरकर बंद कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही तहसील से लेखपाल और कानूनगो पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की, लेकिन नतीजा सिफर निकला। दोपहर करीब दो बजे नायब तहसीलदार राजेश्वर सिंह यादव ने अस्पताल पहुंचकर ग्रामीणों को समझा कर शांत किया। इसके बाद पशुओं को अस्पताल से बाहर निकाला जा सका। इसके कारण करीब पांच घंटे अस्पताल में अफरातफरी मची रही। इधर, एसडीएम ने ग्रामीणों के इस विरोध को सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सायं सात नामजद व 35 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

विज्ञापन


क्षेत्र के गांव राजनपुर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निकट ग्रामीणों के खेत हैं। सुबह ग्रामीणों के खेतों में करीब 60 गोवंशीय फसल चर रहे थे व नष्ट कर रहे थे। यह देख सुबह करीब नौ बजे गांव निवासी नेमचंद, पुष्पेंद्र, वीरेंद्र की अगुवाई में ग्रामीण एकत्र हुए और लाठी-डंडों से पशुओं को घेरकर गांव के सरकारी अस्पताल प्रांगण में बंद कर दिया। इससे अस्पताल के स्टाफ में हड़कंप मच गया। तत्काल राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. हरी बाबू ने तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को घटना से अवगत कराया। सूचना पर लगभग 11:30 बजे थाने से एसआई पलटूराम और राम नरेश मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। 

उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन आंदोलनकारी ग्रामीण अधिकारियों से बिना वार्ता किए पशुओं को निकालने पर तैयार नहीं हुए। दोपहर करीब एक बजे तहसील से कानूनगो सर्वेश मिश्रा व लेखपाल विवेक चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी नाराज ग्रामीणों से वार्ता की, लेकिन वार्ता सफल नहीं हो सकी। दोपहर करीब दो बजे नायब तहसीलदार राजेश्वर सिंह यादव अस्पताल पहुंचे और ग्रामीणों को समझा कर मामला शांत किया। 
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि ग्राम समाज की जमीन को चिह्नित करके गोवंशीय पशुओं का संरक्षण कराया जाएगा। तब जाकर करीब पांच घंटे बाद अस्पताल में बंद पशुओं को अस्पताल से बाहर निकाला गया। अस्पताल में पशुओं के बंद रहने तक वहां अफरातफरी का माहौल रहा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरिबाबू की ओर से सात नामजद व 35 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

गांव समाज की जमीन को चिह्नित करके गो संरक्षण केंद्र बना कर वहां पर आवारा घूम रहे गोवंशीय पशुओं को संरक्षित किया जाएगा। सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले सात नामजद व 35 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

- मोइनुल इस्लाम, एसडीएम

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें