सिरौली। इलाज एवं देखभाल के अभाव में मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने तीन दिनों से बंद कमरे की दरवाजा तोड़कर शव निकलवाया। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया।
गांव गुरगांव के रोहतास राना अपने घर में अकेले रहते थे। उनकी पत्नी व दो पुत्र हिमाचल में रहकर कारोबार करते हैं। विगत तीन दिनों से वह अपने घर के कमरे से बाहर नहीं निकले। कुछ हलचल न होने पर लोग घर के पास पहुंचे, तब कमरे बदबू आ रही थी। ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए डायल 112 पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर देखा तो रोहतास की मौत हो चुकी थी। सूचना पर थाना प्रभारी रवि कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की, तब पता चला कि वह अधिकतर फास्ट फूड से अपना पेट भरते थे। उन्हें कई दिनों से उल्टी-दस्त आ रहे थे। अकेले होने के कारण देखभाल एवं इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई। संवाद