परिवार बोला, चौकी प्रभारी ने ही गांव छोड़ने को कहा
पीड़िता के परिवार ने बताया कि बुधवार रात ही बड़ागांव चौकी प्रभारी को सूचना दी गई। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने कहा कि इस समय मामला गर्म है। आप लोग कुछ समय के लिए गांव छोड़ दें। इस संबंध में जब चौकी प्रभारी विजयपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने आरोपों को गलत बताया।
दबंगों ने दरोगा का सिर फोड़ा था
जिस पक्ष के खिलाफ पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, उसके साथ छह महीने पुराना विवाद चल रहा है। तब इन्हीं आरोपियों ने किसी पड़ोसी से मारपीट की थी। उसकी सूचना पर तत्कालीन चौकी प्रभारी सहेंद्र मलिक चार सिपाहियों के साथ उसे बचाने पहुंचे तो इन आरोपियों ने उन्हें कमरे में बंद करके पीट दिया था। दरोगा का सिर फट गया था।
दरोगा ने इन छह भाइयों पर हमले की रिपोर्ट कराई थी। सभी छह लोग जेल भेजे गए। कुछ दिन बाद ही इनका एक भाई जमानत पर छूटा तो मनौना के पास उसका शव मिला। इसमें पीड़िता के पिता व ताऊ समेत तीन लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले में दुष्कर्म पीड़िता के पिता समेत दो लोग जेल में बंद हैं। इसलिए घटना को पेशबंदी से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
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सीओ आंवला दीपशिखा ने बताया कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि तहरीर मिलने पर उसी के मुताबिक रिपोर्ट लिखी जाएगी। इस मामले में भी जब और जैसी तहरीर मिली, वैसे ही मामला दर्ज किया गया है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। गांव छोड़ने की बात निराधार है।