फिर नायब तहसीलदार ने उनसे 10 हजार रुपये टाइप बाबू अमित को दिलाए थे। 30 जून की शाम पांच बजे नायब तहसीलदार ने दूसरे से फोन कराकर आंवला बुलाया और 2.50 लाख रुपये वापस कर कहा कि दूसरी पार्टी ने उन्हें पांच लाख दिए हैं तो 28 जून को निर्णय उसी के पक्ष किया है।
इस पर रामऔतार ने शेष 25 हजार रुपये भी मांगे तो दो जुलाई को 10 हजार रुपये और लौटाए। रामऔतार का दावा है कि नायब तहसीलदार से बातचीत की रिकॉर्डिंग उसके फोन में थी। संदेह होने पर नायब तहसीलदार ने अपने आवास के बाहर उसे दौड़ाकर मोबाइल छीन लिया और जेल भेजने की धमकी दी।
नन्नुकी की पत्नी होने के दावे में सफल हुई जशोदा
जशोदा देवी पत्नी चंद्रपाल झिंझरी आंवला की वोटर लिस्ट और बल्लिया बैंक की पासबुक भी लगाई है। चंद्रपाल की मौत के बाद जशोदा ने 2015 में भूप सिंह सागर से दोबारा विवाह किया। भूप सिंह बदायूं में बिसौली के गुलड़िया के हैं। गुलड़िया की वोटर लिस्ट में जशोदा देवी पत्नी भूप सिंह दर्ज है। चूंकि, नन्नुकी और उनकी पत्नी रामवती दोनों की मौत हो चुकी थी, उनके वारिस नहीं था। इनके नाम 22 बीघे जमीन थी। जशोदा ने नन्नुकी को अपना पति होने का दावा कर नायब तहसीलदार के यहां वाद दायर किया था, जिसमें वह सफल हुई।
नायब तहसीलदार आंवला के दीपक सागर ने बताया कि तहसील के कुछ वकील हमारे पीछे लगे हैं। वाद में जब आदेश सुरक्षित हो गया तब रामऔतार जशोदा के विरुद्ध साक्ष्य लेकर आया तो हमने अपील में जाने की सलाह दी थी। इस मामले में अन्य लोग भी लगे हैं। हां, सामान्यत: आदेश होने के इतनी जल्दी खतौनी पर संशोधन नहीं होता है लेकिन कंप्यूटर का जमाना है। अब दूसरे दिन ही जमीन बिक गई, इससे हमारा कोई मतलब नहीं है। रही बात रुपये लेने की तो यदि हम उसे 2.60 लाख रुपये लौटा सकते थे तो शेष 10 हजार रुपये क्यों नहीं दिए, ये विचार करने की बात है। इन आरोपों का कोई आधार नहीं है।
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि नायब तहसीलदार के विरुद्ध शिकायत आई है, लेकिन उसमें साक्ष्य नहीं हैं। शपथ पत्र पर शिकायत हो या कोई मजबूत साक्ष्य हो तो मामले का संज्ञान लिया जाए।