फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा राज में किसानों पर फायरिंग शर्मनाक: तोगड़िया

Sun, 18 Jun 2017 01:19 AM IST
बरेली। 
विज्ञापन
अपनी ही सरकार के खिलाफ गरजे विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष - फोटो : अपनी ही सरकार के खिलाफ गरजे विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष
विज्ञापन
 कभी राममंदिर और हिंदुत्व पर मुखर रहने वाले विश्व हिंदू परिषद के फायर ब्रांड नेता डा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने मध्य प्रदेश में किसानों पर गोली चलने की घटना को बेहद शर्मनाक बताया। कहा कि किसानों का ऐसा नरसंहार तो मुगल और अंग्रेजों के जमाने में भी नहीं हुआ। कश्मीर में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वालों पर रबड़ की गोलियां चलाई गईं लेकिन पेट की खातिर आंदोलन करने वाले किसानों पर बंदूक की असली गोली चलाकर हत्या कर दी गई। सरकार चाहती तो वहां भी रबड़ की गोली या अन्य तरीकों से आंदोलन नियंत्रित किया जा सकता था। इसमें कम से कम किसानों की जान तो बच जाती।  
विज्ञापन

यहां इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में ‘समृद्ध किसान-समृद्ध देश’ वर्कशाप में किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण देने आए डा. तोगड़िया ने कहा सरकार महंगाई बढ़ने का ठीकरा किसानों पर फोड़ना बंद करे। अभी तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के किसान अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे हैं लेकिन वह चाहते हैं कि अपने हक के लिए पूरे देश का किसान एक होकर आंदोलन करे। कहा कि सरकार ने दो सौ कारपोरेट घरानों का 50 लाख करोड़ का लोन माफ कर दिया। उसमें केंद्र या राज्य सरकार का विषय नहीं आया। जब किसानों का कर्ज माफ करने की बारी आई तो केंद्र इसे राज्य का मसला बताकर पल्ला झाड़ना चाहता है। कारपोरेट घरानों को ‘सोसलिज्म’ और किसानों पर ‘कैपिटलिज्म’ की नीति नहीं चलेगी। देश का किसान आक्सीजन से भी दयनीय स्थिति में है। हर आधे घंटे में एक किसान आत्महत्या कर रहा है। केवल लोन माफ करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि देश को कर्ज मुक्त किसान चाहिए। सरकार का ‘नीति आयोग’ एयर कंडीशन कमरों में बैठकर पॉलिसी तय कर रहा है। नीति आयोग के सदस्य केवल पांच गांवों के नाम बता दें जिनमें जाकर उन्होंने किसानों की समस्याएं समझी हों। 
संसद का विशेष सत्र बुलाए सरकार 
डा. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाली 26 फसलों पर किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रपति चुनाव से पहले संसद का विशेष सत्र बुलाए और उसमें घोषणा करे। इसमें भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस और वामपंथी समेत समस्त राजनीतिक दलों के लोग किसानों के हित में प्रत्येक फसल पर लागत का डेढ़ गुना मूल्य किसान को देने के लिए संसद में बिल पास कराएं। उन्होंने कहा कि किसान रासायनिक खाद बंद करें। जैविक खेती को बढ़ावा देकर फसल की उपज बढ़ाएं। उसको सही मूल्य दिलाने के इंतजाम सरकार करे। तब किसान समृद्ध होगा।   
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें