जिला कार्यक्रम अधिकारी बोलीं- उनके कार्यकाल का नहीं है घोटाला
बरेली। हर साल लाभार्थियों का सत्यापन होता रहा, फिर भी छह साल से सुहागिनें विधवा पेंशन लेती रहीं। घोटाला सामने आने के बाद जिम्मेदार पल्ला झाड़ने लगे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) ने एडीएम सिटी से साफ कह दिया कि घोटाला उनके कार्यकाल का नहीं है। ऐसे में विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छह वर्षों में सत्यापन के दौरान ये मामले पकड़ में क्यों नहीं आए? जाहिर है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं झोल है।
छह साल से पेंशन ले रही भीमपुर गांव की परवीन पहले ही विभाग में बिचौलियों के सक्रिय होने की बात कह चुकी हैं। यही बिचौलिये सत्यापन के दौरान अपात्रों को भी पात्र दर्शाकर खेल करते हैं। यह सिलसिला कई वर्षों से चल रहा है। एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने डीपीओ से रिपोर्ट तलब की है। संवाद
अपात्रों को पेंशन दिए जाने का मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है। सत्यापन कार्य भी लेखपाल और ब्लॉक के कर्मचारी करते हैं। वर्तमान में जिले में 97 हजार से अधिक महिलाओं को पेंशन मिल रही है। करीब 70 हजार का सत्यापन भी हो गया है। जिन लाभार्थियों की सत्यापन रिपोर्ट मिल रही है, उनका विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। निदेशालय ने 30 मई को पोर्टल लॉक करने के लिए कहा है। - मोनिका राणा, डीपीओ