बरेली। राजनीतिक दबाव में मनमाने तबादले और निलंबन की कार्रवाई के विरोध में जिले के ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सोमवार को पांच दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू करते हुए इन कर्मचारियों ने विकास भवन पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान डीडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने अफसरों पर नियमों को दरकिनार करके आननफानन में कार्य कराने के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि मनरेगा और अन्य कई योजनाओं में अफसर ग्राम सभा में प्रस्ताव कराने के नियमों को उनसे जबरन तुड़वा देते हैं और बाद में उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि नेताओं के इशारे पर कई बार निलंबन और तबादले किए जाते हैं। निलंबित कई कर्मचारियों की बहाली जानबूझकर अटकाए रखने और एसीपी तथा डीए एरियर का भुगतान न करने के मामले भी कर्मचारियों ने उठाए। धरना-प्रदर्शन ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के बैनर तले किया जा रहा है। ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि 26 फरवरी तक कार्यबहिष्कार और धरना प्रदर्शन जारी रखेगा फिर भी मांगें न मानी गईं तो आठ मार्च से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष लेखराज कनौजिया, उदयवीर सिंह, शशांक ससेना, राजीव मिश्रा, जितेंद्र गंगवार और सुरेंद्र वीर आदि ने विचार रखे।