बरेली। अंतर्राष्ट्रीय शायर प्रो. वसीम बरेली मोरारी बापू की रामकथा में शायरी सुनाने के लिए नैरोबी जा रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के नैरोबी में 17 से रामकथा शुरू हो गई है जो 27 जुलाई तक चलेगी। इसमें तमाम हिंदू और उर्दू के हस्ताक्षर जुटेंगे।
लोगों ने रामकथा तो खूब सुनी होगी, लेकिन मोरारी बापू की रामकथा बाकियों से कुछ अलग है। यहां पर कथा के साथ ही लोग तमाम दूसरे माध्यमों से भी अध्यात्म के नजदीक जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका में बिजोरिया की ओर से आयोजित इस रामकथा में सिर्फ कथा ही नहीं, बल्कि हिंदी और उर्दू के आध्यात्मिक कविताएं और शायरी भी होगी। प्रो. वसीम बरेलवी कई बार मोरारी बापू की रामकथा के मंच पर शायरी सुना चुके हैं। मोरारी बापू भी अपनी कथा में प्रो. बरेलवी के शेर और शायरी को कोट करते हैं। प्रो. वसीम बरेलवी ने बताया कि आयोजन तो 17 जुलाई से ही हो रहा है। लेकिन, मैं वहां पर 17 को नहीं पहुंच सका। इसलिए, बापू जी ने उनके लिए 20 जुलाई का एयर टिकट कराया है। उन्होंने बताया कि उनका और मोरारी बापू का लंबे समय से साथ है। अब दोनो का साथ कथा के मंच पर भी दिखने लगा है। प्रो. बरेलवी ने बताया कि कुंवर बेचैन समेत हिंदू और उर्दू की तमाम नामचीन हस्तियां वहां पर जुट रहीं हैं। यह कार्यक्रम पूरी तरह से आध्यात्मिक ही होगा। यहां पर पढ़ी जाने वाली रचनाएं भी आध्यात्मिक होंगी। यह अपने आप में एक अनूठा कार्यक्रम है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोग अध्यात्म के साथ ही एकजुटता की डोर में भी बंधते हैं।