- कहा-धर्मांतरण कानून, लैंड जिहाद कानून, दंगा नियंत्रण कानून से भूमाफिया और अपराधियों पर लगाया अंकुश, बरेली में आयोजित उत्तरायणी मेले में शामिल हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, मंच से गिनाईं देवभूमि की उपलब्धियां
बरेली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या धर्मांतरण और लैंड जिहाद रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाकर सख्ती से पालन किया गया। इसी का नतीजा रहा कि प्रदेश में धर्मांतरण थमा और पांच हजार एकड़ भूमि कब्जामुक्त हुई। दंगा नियंत्रण कानून से दंगा के दौरान नुकसान की भरपाई दोषी से ही करने का प्रावधान किया गया। इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी लागू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड इस कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।
बृहस्पतिवार को उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से बरेली में आयोजित उत्तरायणी मेला के मंच से मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता का विधेयक उत्तराखंड में तैयार हो गया है। देवभूमि से पवित्र नदियों की भांति प्रवाहित होकर यह कानून देशभर में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने बताया कि थूक जिहाद पर अंकुश लगाने के लिए भी कानून बनाया गया है। क्योंकि दुनिया भर में देवभूमि शुद्धता के लिए पहचानी जाती है। इन घटनाओं से छवि धूमिल होती है। उत्तराखंड में बड़ी तादाद में लालच देकर धर्मांतरण हो रहा था। इसलिए धर्मांतरण रोधी कानून बनाकर प्रभावी रूप से अंकुश लगाया गया।
उत्तराखंड का नकलरोधी मॉडल देशभर के लिए नजीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में नकलविहीन परीक्षा के लिए कानून बनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे सराहा और अन्य प्रदेशों के लिए इसे उदाहरण बताया। कहा कि नकलमाफिया के चलते हुनर, बौद्धिकता के बावजूद गरीब नौकरी पाने में पिछड़ रहे थे। इस पर अंकुश लगाने के लिए जो भी नकल में संलिप्त थे, उन्हें जेल भेजा, सौ नकल माफिया पर कार्रवाई की। तीन साल में 19 हजार लोगों को नौकरी मिली है।
फिल्म शूटिंग, डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उत्तराखंड को बना रहे टूरिज्म हब
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इन्वेस्टर्स मीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेस्टिनेशन वेडिंग के तौर पर लोगों से उत्तराखंड आने की अपील की थी। फिल्म शूटिंग के लिए विकास कार्य हो रहे हैं। होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजनाएं भी लागू कीं, ताकि बेरोजगारी से निजात मिले। कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं ऐसे उत्पाद बना रही हैं, जिनकी गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। हाउस ऑफ हिमालय नाम से पहचान है।
हरिद्वार से ऋषिकेश तक बनाएंगे गंगा कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक विरासत के पुनर्जागरण का यज्ञ शुरू हुआ है। काशी कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, उत्तराखंड में बाबा केदारनाथ के धाम का निर्माण, बैजनाथ धाम में करोड़ों की लागत से मास्टर प्लान पर काम चल रहा है। मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों के सुंदरीकरण, पुनर्निर्माण हो रहा है। गंगा कॉरिडोर हरिद्वार से ऋषिकेश तक बनाने का निर्णय लिया है। क्योंकि प्रतिवर्ष चार करोड़ श्रद्धालु उत्तराखंड कांवड़ लेकर पहुंचते हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मेलों से मिलता है बढ़ावा
उन्होंने कहा कि बचपन से ही बरेली आता रहा हूं, पिछली बार लोकसभा चुनाव में आया था। कहा कि मेले सांस्कृतिक विरासत बढ़ाते हैं। पूर्व में मेले ही एक दूसरे से मुलाकात का जरिया बनते थे। तब संचार की व्यवस्था नहीं थी। मेले में लोक कला और प्रतिभा को भी मंच मिलता है। नई पीढ़ी भी जुड़ती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कुटीर उद्योगों के उत्पादों को भी लोकल से ग्लोबल होने का मौका मिलता है। अमर उजाला ब्यूरो