बरेली। उत्तराखंड पुलिस की दबिश और तस्कर न मिलने पर मारपीट व तोड़फोड़ के खिलाफ करीब आठ महिलाओं ने फतेहगंज पश्चिमी थाने में तहरीर दी। एसएसपी ने मामले में सीओ हाईवे को जांच के निर्देश दिए हैं।
ऊधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने सोमवार तड़के पुलिस फोर्स के साथ फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में छापा मारा था। इस दौरान एक भी तस्कर पुलिस के हाथ नहीं आया।
पुलिस ने इसका गुस्सा बुजुर्गों, महिलाओं और निर्दोष लोगों पर निकाला। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अभद्रता की और उनके घर में तोड़फोड़ कर दी। पूछताछ के बाद पकड़े गए कुल 16 लोगों में से 15 को छोड़ दिया गया।
अब उनके परिवारों की महिलाओं ने उत्तराखंड पुलिस पर आरोप लगाकर फतेहगंज पश्चिमी थाने में शिकायत की है। थाने आई आठ तहरीरों में फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला सराय निवासी नाजिरा की तहरीर भी थी। नाजिरा ने बताया कि पुलिस जबरन गेट तोड़कर घर में घुस आई और तलाशी में कुछ नहीं मिलने पर पति नईम, देवर वसीम और बेटे मुशीर को ले गई। अल्ला रक्खी के बेटे जाकिर हुसैन को भी पुलिस इसी अंदाज में ले गई। वार्ड 13 निवासी नन्ही के मुताबिक पुलिस गाली देते हुए घर में घुसी और उनके बेटे आलम को ले गई।
वार्ड 13 की सुनीदा ने बताया कि 10 मार्च की सुबह पुलिस गेट तोड़कर घुसी और घर का सारा सामान फेंक दिया। बेटे दानिश को जबरन गाड़ी में डालकर ले गई।
इसी तरह का बर्ताव अगरास के युवक प्रमोद कुमार, नीरज कुमार और 55 वर्षीय रोशनलाल के साथ किया गया। इन सभी लोगों ने फतेहगंज थाने में तहरीर देकर उत्तराखंंड पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कहा कि उन लोगों के खिलाफ किसी तरह का मुकदमा दर्ज नहीं है और न ही वे लोग किसी तरह का अपराध करते हैं तो उनके साथ गलत सलूक आखिर क्यों किया गया। संवाद