उत्तराखंड जाने वालों से 200 से 300 रुपये तक की वसूली, दिन भर अवैध सेंटरों पर ई पास के लिए लगी रही भीड़
कोरोना के दौर में लागू की पाबंदियों को भी किस तरह नोटों की शक्ल में कैश किया जा सकता है, उत्तराखंड बॉर्डर पर यह नजारा आजकल लाइव है। बॉर्डर पार करने के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से लागू ई पास की अनिवार्यता का फायदा उठाने के लिए यहां अवैध रूप से काउंटर लगवाकर यूं तो कई दिन पहले ही मोटी कमाई का जरिया स्थापित कर लिया गया था लेकिन रक्षाबंधन पर भीड़ बढ़ी तो लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने की सारी सीमाएं टूट गईं। भीड़ बढ़ने के बाद आनन-फानन में ई पास का रेट सौ रुपये से बढ़ाकर तीन सौ रुपये कर दिया गया। एक तरफ यूपी सरकार रोडवेज बसों में बहनों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दे रही थी तो दूसरी तरफ उत्तराखंड बॉर्डर पर लगे अवैध काउंटरों पर सुबह से शाम तक उनके पर्स खाली कराए जाते रहे। कई बार झगड़े-झंझट की नौबत आई तो बॉर्डर पर तैनात यूपी पुलिस के जवान मौके से खिसक लिए और दूर एक धर्मकांटे पर जाकर पेड़ की छाया में पसर गए।
ई पास: एक दिन पहले तक था सौ रुपये का रेट रक्षाबंधन पर निकलीं बहनों से वसूले तीन सौ
बहेड़ी। ई पास के बगैर राज्य में आने पर पाबंदी उत्तराखंड पुलिस की ओर से लागू की गई लेकिन इसे कमाई का जरिया बना लिया यूपी के दलालों ने। कुछ ही दिनों में बॉर्डर पर ई पास जारी करने के लिए तमाम काउंटर लगा लिए हैं जहां यूपी से उत्तराखंड जाने वालों को सौ रुपये वसूलकर ई पास जारी किया जा रहा था। रक्षाबंधन ई पास के लिए भीड़ एकाएक कई गुना बढ़ी तो दलालों ने भी रेट बढ़ा दिया। पहले दो सौ और फिर तीन सौ रुपये तक एक ई पास की एवज में वसूल किए। सरेआम ठगी की महिलाएं सबसे ज्यादा शिकार हुईं। कुछ लोगों ने अवैध काउंटरों पर सवाल उठाए तो उन पर मौजूद दलालों ने यह भी दावा कर दिया कि ये काउंटर अफसरों की परमिशन से ही लगाए गए हैं।
बॉर्डर पर ई पास के काउंटरों पर रक्षाबंधन की वजह से दिन भर बेतहाशा भीड़ लगी रही। एक काउंटर पर बैठे लोगों से संवाददाता ने परमिशन के बारे में पूछा तो उनमें से एक ने सामनेे आकर भाजपा नेता होने का दावा तो किया लेकिन परमिशन के बारे में कुछ कहने को तैयार नहीं हुआ। यहां से थोड़ा आगे डंडिया, सिंह ढाबा, मंडनपुर में बंद पड़ी शराब भट्ठी, मंडनपुर गांव और भौना तक 15 से ज्यादा अवैध ई पास सेंटर मिले। हर सेंटर पर भीड़ लगी हुई थी। एक ई पास के बदले 300 रुपये तक वसूले जा रहे थे। एक सेंटर चला रहे शख्स ने बताया कि बहेड़ी के ही अफसरों ने उन्हें रक्षाबंधन पर तीन दिन तक काउंटर लगाने की की मौखिक परमिशन दी है ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
50 हजार से ज्यादा वाहन दिन भर में गुजरे बॉर्डर से, उत्तराखंड पुलिस ने की सख्ती
सोमवार को रक्षाबंधन पर बॉर्डर पार करने वालों की तादाद बढ़ी तो उत्तराखंड पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी। अनुमान के मुताबिक दिन भर में 50 हजार से ज्यादा वाहन बॉर्डर से गुजरे। उत्तराखंड पुलिस ने इस दौरान 50 से ज्यादा ई रिक्शा और तीन मैक्स गाड़ियों को सीज भी किया। मगर इधर यूपी पुलिस के टेंट पर मैक्स गाड़ी वालों का कब्जा रहा। अवैध काउंटरों पर वसूली को लेकर चल रही गरमागरमी से पिंड छुड़ाने के लिए यूपी पुलिस के जवान कुछ दूर एक धर्मकांटे पर पेड़ के नीचे जाकर बैठ गए। उधर, डग्गामार गाड़ियों का स्टाफ भी बहनों से मनमाना किराया वसूलता रहा। कई बार विवाद हुए लेकिन धर्मकांटे पर बैठे पुलिस वाले उठकर नहीं आए।
एसडीएम का तबादला और इंस्पेक्टर के संक्रमित होने के बाद शुरू हुआ खेल
बॉर्डर पर ई पास के काउंटरों की संख्या बढ़ने के बाद लाखों का खेल हो रहा है। हालांकि दलाल पहले से ही यहां कमाई करने की जुगत में लगे हुए थे लेकिन एसडीएम सुधीर कुमार ने उन्हें यहां ठिकाना जमाने की मंजूरी नहीं दी। पिछले दिनों सुधीर कुमार का तबादला हो गया। इंस्पेक्टर बहेड़ी भी कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती हो गए। दलालों ने इसके बाद अफसरों से जुगाड़ कर अवैध सेंटर खोल लिए। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शुरू में तो अवैध सेंटरों पर शिकंजा कसा लेकिन जब ऊपर से दबाव पड़ा तो कदम पीछे खींच लिए। इसी नाराजगी में पुलिस ने बार्डर पर लगे टेंट को भी छोड़ दिया जिस पर बाद में डग्गामार वाहनों के स्टाफ ने कब्जा कर लिया।
उत्तराखंड पुलिस ने पेश की मिसाल.. बरती नरमी
बहेड़ी बॉर्डर पर तो सख्ती में कमी नहीं आई लेकिन रक्षाबंधन होने की वजह से उत्तराखंड पुलिस ने टांडाछंगा, उत्तम नगर, मंगाया, कटंगी से गुजरने वाले रास्तों पर थोड़ी नरमी बरतते हुए बहनों को भाइयों के घर जाने से नहीं रोका न ई पास चेक किए। इन रास्तों पर दिन भर लोग बेरोकटोक निकलते रहे।
उत्तराखंड पुलिस ने कई मैक्स गाड़ी और ई रिक्शा सीज किए है। यूपी बॉर्डर पर दो दिनों से तमाम ई पास सेंटर खुल गए हैं जिन पर भीड़ लग रही है और तमाम दिक्कतें भी हो रही हैं। यूपी के पुलिस-प्रशासन को सहयोग करना चाहिए। - विनोद जोशी, इंस्पेक्टर थाना पुल भट्टा
किसी को कोई परमीशन नहीं दी है। तत्कालीन एसडीएम ने मुड़िया मुकरमपुर के एक युवक को परमिशन दी थी, इसकी जांच कराई जाएगी। जितने भी अवैध ई पास सेंटर खोले गए हैं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो। - राजेश चंद्र, एसडीएम बहेड़ी
बॉर्डर पर टेंट लगाकर चौकी किसी मकसद से ही बनाई गई है। यहां जो भी ड्यूटी से गायब थे, उन सब पर सख्त कार्रवाई होगी। कार्यवाहक इंस्पेक्टर ने ई पास सेंटर कैसे और किसके आदेश पर खुलवा दिए, इसकी रिपोर्ट बनाकर कप्तान को भेजी जाएगी। - रामानंद राय, सीओ बहेड़ी