फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

GST 2.0: नई कारों के दाम घटने से पुराने वाहनों के कारोबार पर संकट, कारोबारी बोले- कीमत पूछकर लौट रहे लोग

Thu, 25 Sep 2025 02:30 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

जीएसटी की नई दरें लागू होने से नई कार की कीमतों में कमी आई है। इससे त्योहारी सीजन में खरीदारी बढ़ी है। लेकिन पुरानी कारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बरेली के कारोबारियों का कहना है कि पुरानी कारों का कारोबार 50 फीसदी तक प्रभावित होने की आशंका है। 
विज्ञापन
कार बाजार में खड़ीं पुरानी कारें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के नए स्लैब से कार की कीमतों में काफी गिरावट हुई है। त्योहारी सीजन में ऑफरों की भी धूम है। स्क्रैप पॉलिसी का लाभ लेने पर अतिरिक्त छूट मिल रही है। इससे पुरानी कारों के बजट में लोग नई कार खरीद रहे हैं। इससे नई कारों का बाजार जहां रफ्तार भर रहा है, वहीं पुरानी कारों के कारोबार पर संकट मंडराने लगा है। बरेली के कारोबारियों के मुताबिक, तीन दिन से ग्राहक कीमतें पूछकर लौट जा रहे हैं। करीब 50 फीसदी कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।

विज्ञापन


जीएसटी के नए स्लैब लागू होने से 10 लाख की कार पर 85 हजार, 15 लाख पर 51 हजार, 25 लाख कीमत की कार पर 1.66 लाख रुपये कीमत घटी है। त्योहारी सीजन में कारों पर 40 से 70 हजार रुपये तक की छूट मिल रही है। पुरानी कारों को स्क्रैप पॉलिसी के तहत डीलर को देने पर नई कार खरीदने पर रजिस्ट्रेशन समेत कंपनी द्वारा अलग से छूट दी जा रही है। इससे अब पुरानी कारों के बाजार में ग्राहकों की आवाजाही घट गई है। पुरानी कारों के डीलर वीएस तोमर के मुताबिक तीन दिन से खरीदार नहीं आ रहे हैं। जो आए भी, वे कीमत पूछकर लौट गए। 

यह भी पढ़ें- UP: बरेली से अंतरराज्यीय मार्गों पर दौड़ेंगी रोडवेज की एसी-स्लीपर बसें, यात्रियों को मिलेगी सहूलियत
विज्ञापन


रामपुर रोड, पीलीभीत बाइपास, शाहजहांपुर रोड पर पुरानी कारों का बाजार सजता है। यहां करीब 50 कारोबारी हैं जो क्रेता-विक्रेता से दो-दो फीसदी कमीशन लेते हैं। ज्यादातर ऐसे लोग पुरानी कार यहां भेजते हैं जो नई खरीदना चाहते हैं। आठ से दस लाख की चार से पांच साल पुरानी कार की कीमत पांच लाख रुपये लगती है। उस पर भी कई माह तक ग्राहक का इंतजार करना पड़ता है। इससे कार के आरसी की अवधि और कीमत भी घटती जाती है।

20 साल में पहली बार कारोबार पर असर की आशंका
पुरानी कारों का कारोबार कर रहे मंजीत सिंह ने बताया कि 20 साल में पहली बार कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। नई कार की कीमत कम होने के साथ अन्य ऑफर्स की वजह से ग्राहक पहले नई कार खरीदना चाहेंगे। बजट कम होने पर ही वे पुरानी कारों की ओर आएंगे। नई कारों के सापेक्ष ही पुरानी कारों की कीमत भी कम करनी पड़ेगी।

कीमतों में गिरावट से कारोबार में तेजी की उम्मीद
कार कारोबारी अल्पित अग्रवाल के मुताबिक जीएसटी की नई दर लागू होने से नई कार की कीमत न्यूनतम 40 हजार रुपये कम हुई है। साथ ही त्योहारी सीजन पर मिल रहे आकर्षक ऑफर्स की वजह से कारों की बुकिंग में इजाफा हुआ है। पुरानी कारों का बाजार इससे हल्का होगा, पर बंद नहीं हो सकता। नई कार की कीमतें भले ही घटी हैं, लेकिन जिनके पास बजट कम है, वे पुरानी कारों को ही चुनेंगे। 

जीएसटी कम होने से व्यापारियों व जनता को होगा लाभ
राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल की ओर से बुधवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट में एडीएम विजय सिंह को सौंपा गया। जिलाध्यक्ष राजकुमार राजपूत ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी की दरें कम करने जनता व व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। इस बदलाव से व्यापार करना आसान हो जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी। ज्ञापन देने वालों में विशाल मेहरोत्रा, आशु अग्रवाल, राजकुमार राजपूत, सुधीर अग्रवाल,  राजेंद्र अग्रवाल, अमित मिश्रा आदि मौजूद रहे। 

कंपनियों ने रोकी आपूर्ति, दुकानों में कम हो रहा स्टॉक
पुराने स्टॉक पर नई एमआरपी दर्ज करने के लिए कंपनियों ने कपड़ा, जूता, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के नए स्टॉक को होल्ड कर दिया है। इस वजह से संबंधित कारोबारी पुराना स्टॉक ही नई दर पर बेच रहे हैं। कपड़ा और फुटवियर कारोबारी नरेंद्र गुप्ता के मुताबिक सर्दियों का स्टॉक मंगाया था, लेकिन कंपनी ने नई एमआरपी दर्ज करने का हवाला देकर दो-तीन दिन बाद स्टॉक भेजने की बात कही है। इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद विक्रेता हेमप्रीत के मुताबिक कंपनियों ने पुराने स्टॉक को नई पर दर पर बिक्री की सहमति दे दी है। 
विज्ञापन

दवा व बच्चों को दिए जाने वाले दूध की कीमत में भी गिरावट
दवा कारोबारी सतीश सेठी के मुताबिक डेढ़ वर्ष तक के बच्चों को दिए जाने वाले डिब्बाबंद दूध पर जीएसटी की दर 18 से पांच फीसदी हो गई है। इससे एमआरपी में 11 फीसदी कमी आई है। 400 ग्राम दूध का डिब्बा अब 30 से 50 रुपये सस्ता मिलेगा। उन्होंने सभी कारोबारियों से घटी दर पर दवाएं और अन्य सामान उपलब्ध कराने की अपील की है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें