हजरत शाहदाना वली का उर्स दूसरे रोज पूरी शानों शौकत से जारी रहा। इसकी मंगलवार को खास तकरीब में गागर का जुलूस रहा।
उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से हुई। सलातो सलाम के बाद अकीदतमंदों का दरगाह शरीफ पर हाजरी व चादरपोशी गुलपोशी का सिलसिला दिन भर चलता रहा। शाम को चक महमूद स्थित मरहूम अब्दुल करीम के आवास से गागर का जुलूस निकाला गया। जो दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां (बब्बू मियां) की कयादत में अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ दरगाह शरीफ पहुंचा। यहां पर अकीदतमंदों को शरबत बांटा गया।
इसी कड़ी में शाम को मीलाद की महफिल सजी। रात में जलसे का आयोजन किया गया। इसमें उलमा ने आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा कि दहशतगर्दी के लिए इस्लाम में कोई जगह नही है। इस्लाम की पहचान और शान केवल अख्लाक में है। इसके अलावा दीन इस्लाम पर भी चर्चा की गई। तकरीर करने वालों में कारी अब्दुल रहमान खान, मुफ्ती मुशर्रफ, मौलाना सगीर अख्तर मिसवाही आदि रहे। संचालन मौलाना फुरकान ने किया।
इस आयोजन में वसी अहमद , खलील अहमद कादरी, अब्दुल सलाम नूरी, जावेद खां, जरदाब साबरी, लाला घोसी, सामू घोसी, वसी खां, जावेद खां, हफीज खां, अयाज बाबा, मुन्ना, हाजी नईम वारसी, अकरम वारसी आदि का सहयोग रहा। मीजिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि बुधवार को रात में महफिले समा का आयोजन रात 9 बजे से किया जाएगा।
जुलूस का स्वागत
बरेली। पुराना शहर में निकाले गए गागर के जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया। इसमें खास तौर से सपा महानगर अध्यक्ष जफर बेग ने शाहदाना पर स्वागत किया। इसमें उनके साथ एआर एडवानी, सुख लाल, फैसल रजा आदि शामिल रहे।