बरेली। सुन्नी बरेलवी मसलक के मजहबी रहनुमा ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां अजहरी मियां का दूसरा उर्स अकीदत और सादगी के साथ मनाया गया। कोरोना के खतरे को देखते हुए दरगाह पर उर्स की तकरीब के दौरान चंद लोग ही मौजूद रहे। हालांकि उर्स सजीव प्रसारण देश-विदेश तक पहुंचा।
उर्स का आगाज रविवार सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरान पाक की तिलावत से हुआ। दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती और उर्स प्रभारी जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां की निगरानी में उर्स की रस्मों को पूरा किया गया। इस दौरान प्रमुख उलमा भी मौजूद रहे। उर्स के मुख्य कार्यक्रम का आगाज शाम को असर की नमाज के बाद कारी एजाज रेखद ने तिलावत ए कलाम पाक से किया। रफीक रजी खान और सादिक रजवी ने ताजुश्शरिया की शान में कलाम पेश किए। इसके बाद उलमा और मुफ्तियों ने ताजुश्शरिया की जिंदगी पर रोशनी डाली। कहा, ताजुश्शरिया मजहब ए मोहज्जब इस्लाम और मसलक ओ मशरब के हवाले से इम्तियाजी तसल्लुब के हामिल थे। इसी वजह से सुन्नियत का एक अहम सुतून तसव्वुर किए जाते हैं। ताजुश्शरिया वारिस ए उलूम ए आला हजरत थे और उन्होंने अपनी सारी जिंदगी मसलक ए आला हजरत की खिदमत में सर्फ की।
तकरीर के बाद शाम को 7:14 बजे ताजुश्शरिया का कुल शरीफ खानकाह ए ताजुश्शरिया पर मनाया गया। मुफ्ती असजद मियां ने शिजरा शरीफ पढ़कर पूरे मुल्क के साथ दुनिया भर के लिए महामारी कोरोना से मुल्क और दुनिया भर की निजात के लिए खसूसी दुआ की। सलाम के साथ एक रोजा उर्स का समापन हुआ। उर्स की निजामत मौलाना गुलजार ने की। खानकाह ए ताजुश्शरिया के साथ मदरसा जमियातुर रजा मथुरापुर और मस्जिदों और घरों में भी ताजुश्शरिया का कुल शरीफ मनाया गया। उर्स की तमाम तकरीब के दौरान हुस्साम मियां, हुम्माम मियां, अफरोज मियां, अदनान मियां, हसीब मियां, बुरहान मियां, मंसूर मियां, मुफ्ती आशिक़ मियां, फरमान मियां, मोहतशिम मियां, शोएब मियां, मुफ्ती अफजाल, मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी, मौलाना अजीमुद्दीन आदि मौजूद रहे। कोर कमेटी के समरान खान, डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद, तमहीद पठान, मोइन खान, अब्दुल्लाह रजी खान, अतीक अहमद, रेहान रजा, बख्तियार खान आदि का सहयोग रहा।
मुफस्सिरे आजम का भी कुल मनाया
खानकाह ताजुश्शरिया पर फज्र की नमाज के बाद कुरानख्वानी और नातो व मनकबत की महफिल सजाई गई। सुबह 7:10 बजे ताजुश्शरिया के वालिद ए गिरामी मुफस्सिर ए आजन हजरत इब्राहिम रजा खान जिलानी मियां के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद दरगाह आला हजरत और दरगाह ताजुश्शरिया पर मुरीदों ने गुलपोशी की। आपसी दूरी बनाए रखने के लिए वॉलंटियर्स लगाए गए थे।
विदेशों में भी मना ताजुश्शरिया का उर्स
जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां ने बताया कि उर्स के ऑनलाइन प्रसारण के लिए वेबसाइट लिंक जारी किया गया था। लोगों ने इस लिंक के जरिये इंटरनेट पर देश के तमाम राज्यों के साथ कई दूसरे देशों में उर्स का प्रसारण सुना।