ठेकेदार पिता आशीष को मुखाग्नि देती बेटी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
इलाज के दौरान दस दिन बाद तोड़ा दम, चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट
रिठौरा। सीसी रोड पर स्पीड ब्रेकर बनाने से मना करने पर चार लोगों ने पीडब्ल्यूडी ठेकेदार को पीटकर लहूलुहान कर दिया। दस दिन बाद ठेकेदार की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पहले से रिपोर्ट को अब पुलिस हत्या में तरमीम करने की तैयारी कर रही है।
नगर पंचायत रिठौरा के मोहल्ला इंद्रानगर में 27 लाख की लागत से सीसी रोड का निर्माण फरीदपुर के ठेकेदार आशीष अग्रवाल करवा रहे थे। 18 जून को देवपाल ने अपने मकान के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इस पर देवपाल जबरन रेता, सीमेंट उठाकर ब्रेकर बनाने लगा। ठेकेदार ने निर्माण सामग्री उठाने से मना किया तो देवपाल, तुलाराम और उसके बेटे तिलकराम, ओमपाल, सूरज पाल ने लाठी-डंडों से पीटकर आशीष को लहूलुहान कर दिया। मोहल्ले के सलीम ने बीच बचाव का प्रयास किया तो उसे भी पीटा। ठेकेदार ने घटना की सूचना पहुंची पुलिस ने घायल ठेकेदार को बरेली के निजी अस्पताल भिजवाया। वहीं आरोपी मौके से फरार हो गए। आशीष अग्रवाल की ओर से हाफिजगंज पुलिस ने देवपाल सहित चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। शनिवार को आशीष की मौत हो गई। हाफिजगंज थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि एफआईआर को हत्या की धारा में तरमीम किया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम में लाठी डंडों की चोटों से मौत की पुष्टि हुुई।
दस साल की बेटी ने दी आशीष को मुखाग्नि
फरीदपुर। ठेकेदार आशीष अग्रवाल की पीटकर हत्या के बाद दस साल की बेटी ने पिता के शव को मुखाग्नि दी। लोगों की आंखें यह देखकर नम हो गईं। आशीष की दो बेटियां है इसमें बड़ी बेटी कक्षा पांच में ऐश्वर्या व छोटी बेटी कक्षा तीन में मुक्ता है। बड़ी बेटी ऐश्वर्या ने चिता को मुखाग्नि दी। अंत्येष्टि मोहल्ला बक्सरिया श्मशान घाट पर की गई।