उर्स ए रजवी में उमड़े जायरीन
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आला हजरत का कुल आज
उर्स-ए-रजवी में मंगलवार को सुबह कॉन्फ्रेंस के दौरान मुफस्सिर-ए-आजम व रेहान-ए-मिल्लत और जलसे के दौरान देर रात 1:40 बजे मुफ्ती आजम हिंद के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। कारी अब्दुर्रहमान कादरी ने फातेहा और मुफ्ती जमील ने शिजरा पढ़ा। मुफ्ती आकिल रजवी ने खुसूसी दुआ की। इस दौरान मुफ्ती आकिल रजवी की लिखी ‘इमदादुल कारी की नौवीं जिल्द’ का विमोचन दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां ने किया। मुफ्ती अफरोज आलम को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। राशिद अली खान, औरंगजेब नूरी, ताहिर अल्वी, परवेज नूरी, नासिर कुरैशी, हाजी जावेद खान, अजमल नूरी आदि व्यवस्था संभालने में लगे रहे।
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मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि बुधवार को सुबह कुरानख्वानी के बाद आठ बजे से इस्लामिया मैदान पर महफिल सजेगी। दोपहर 2:38 बजे आला हजरत के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसी के साथ तीन दिवसीय उर्स मुकम्मल हो जाएगा।
पर्दादारी में ही समझदारी : अदनान
उर्स-ए-रजवी व उर्स-ए-अमीन-ए-शरीअत के दूसरे दिन मरकजी मस्जिद बीबी जी में रात को हुजूर मुफ्ती आजम हिंद कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसकी सरपरस्ती करते हुए ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी (आरएसी) के अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी ने ईमान, अकीदे की हिफाजत पर जोर दिया। मुसलमानों से कहा कि बहू-बेटियों की हिफाजत करें। पर्दादारी में ही समझदारी है। बेटियों को पढ़ाएं, मगर उनकी अस्मत की हिफाजत पर भी ध्यान दें।
कहा कि शादियों में फिज़ूलखर्च और गैरजरूरी रस्मों से बचें। मेहनत की कमाई को बच्चों की तालीम पर खर्च करें, ताकि वे बड़े होकर कुनबे सहित कौम और मुल्क की खिदमत कर सकें। साथ ही, नशाखोरी से बचने की भी ताकीद की। इससे पहले मुफ्ती उमर रजा ने कलाम-ए-पाक की तिलावत से कॉन्फ्रेंस का आगाज किया। नात-ओ-मनकबत के बाद मुफ्ती उमर रजा, सैयद शबाहत मियां, सैयद फरमान मियां, अहमद-उल-फत्ताह फैजाबादी, मोहम्मद अली फैजी, मीर हसन मुस्तफाई, अकील सिद्दीकी, गुलाम गौस गजाली, इमरान जाफर ने तकरीरें कीं।