नगर निगम सीमा से सटी ग्रामीण आबादी शहरी बिजली से रोशन होगी। इसके साथ ही विद्युत वितरण व्यवस्था चुस्त रखने के लिए एक और खंड खोला जाएगा। मध्यांचल वितरण निगम ने इन दोनों योजनाओें को मंजूरी दे दी है।
शहर में तीन वितरण खंडों की देखरेख में सप्लाई व्यवस्था होती है। खंड तीन में आधा शहर है, इसलिए आए दिन सप्लाई अव्यवस्था बनी रहती है। पिछले दिनों चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने प्रस्ताव बनाया था, इसमें नगर निगम सीमा से लगी आबादी में शहरी सप्लाई उपलब्ध कराना और शहर में एक और वितरण खंड खोलने पर जोर दिया गया। चीफ ने इसमें तर्क दिया था कि शहर विस्तार होता जा रहा है, उपभोक्ता भी बढ़ रहे है। इसके चलते शहरी बिजली सप्लाई मांग भी बढ़ रही है। इसलिए करगैना, बुखारा, कांधरपुर, इज्जत नगर, नकटिया, जोगी नवादा, वीर सावरकर नगर आदि इलाके में शहरी बिजली सप्लाई व्यवस्था से जोड़ना जरूरी है।
चीफ इंजीनियर कार्यालय से पहुंचा प्रस्ताव पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सप्लाई नेटवर्क सुधार पर अन्य प्रस्ताव भी मांगे हैं। बताया जाता है कि बरेली जोन ने कनेक्शन चेकिंग और राजस्व वसूली में बेहतर प्रदर्शन किया है, इसलिए मुख्यालय प्रस्ताव आसानी से मंजूर कर लेता है। इस बारे में चीफ इंजीनियर अग्रवाल ने बताया कि अब शहरी सीमा से लगे गांवों को बेहतर सप्लाई उपलब्ध हो पाएगी।