हिंदी के सवालों ने दी राहत
हालांकि, गणित के सवालों ने जहां अभ्यर्थियों को उलझाया, वहीं हिंदी के सवालों ने उन्हें राहत भी दी। प्रयागराज से आए सूरज सिंह ने बताया कि हिंदी के प्रश्न काफी सरल थे। उन्हें हल करने में बिल्कुल भी मुश्किल नहीं हुई और यह स्कोरिंग सेक्शन जैसा लगा। इसी तरह, सामान्य ज्ञान और अन्य विषयों के प्रश्न भी संतुलित बताए गए।
दूर के केंद्रों होने से हुई दिक्कत
परीक्षा केंद्रों के आवंटन को लेकर अभ्यर्थियों में काफी निराशा देखने को मिली। कई अयोध्या, प्रयागराज और अन्य दूर-दराज के जिलों से बरेली परीक्षा देने आए थे। अयोध्या से आए विवेक शर्मा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार ने इस बार परीक्षा केंद्र बहुत दूर बना दिए हैं। इस वजह से न केवल यात्रा का खर्च और समय बढ़ा, बल्कि कई ऐसे दोस्त भी थे जिन्होंने इतनी दूर आने की परेशानी के कारण परीक्षा छोड़ दी। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगली बार परीक्षा केंद्र गृह जिले के आसपास ही बनाए जाएं ताकि सभी को परीक्षा देने का समान अवसर मिल सके।
अभ्यर्थी बोले- आसान था पेपर
फैजाबाद से आए प्रमोद ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए पेपर आसान था, हिंदी के प्रश्न तो कॉफी सरल थे, लेकिन गणित ने थोड़ी देर उलझाएं रखा। अयोध्या के पंकज वर्मा ने कहा कि बैंक की तैयारी कर रहा हूं तो पेपर ज्यादा कठिन नहीं लगा। गणित में एक प्रश्न ने थोड़ा परेशान किया था, लेकिन समय रहते उसे भी हल कर लिया।
पीलीभीत की राखी ने कहा कि परीक्षा की तैयारी अच्छी तरह से की थी, इसलिए ज्यादा परेशानी नहीं हुई , लेकिन गणित के सवालों को हल करने में कॉफी परेशानी हुई। बदायूं के इंशील खान बताया कि समय रहते परीक्षा पूरी कर ली थी, लेकिन सामान्य ज्ञान और गणित के प्रश्नों को हल करने सबसे अधिक समय लगा। कुल मिलाकर परीक्षा ठीक हुई।