विवि के आक्रोशित कर्मचारियों और परीक्षा फार्म जमा करने पहुंचे कॉलेज कर्मचारियों में झड़प, धक्का मुक्की
सहायक रजिस्ट्रार पर चहेतों के पटल नहीं बदलने के आरोप लगाए, सहायक रजिस्ट्रार ने कहा नियमानुसार बदले पटल
बरेली। विवि में लंबे समय तक एक ही पटल पर जमे कर्मचारियों को अचानक पटल परिवर्तन की जानकारी मिली तो वह बिफर पड़े। कार्य बहिष्कार करते हुए उन्होंने कुलसचिव का घेराव किया। सहायक रजिस्ट्रार पर चहेतों के पटल न बदलने का आरोप लगाया। उधर, परीक्षा फार्म जमा करने पहुंचे कॉलेजों के कर्मचारियों को वापस लौट जाने को कहा। विरोध करने पर जमकर धक्कामुक्की भी हुई।
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग समेत अन्य कार्यों के लंबे समय से पटल संभाल रहे कर्मचारियों के पटल मंगलवार को बदल दिए गए। जारी आदेश में कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने परीक्षा विभाग के प्रभावी संचालन के लिए परीक्षा कार्यों का नए सिरे से आवंटन करने का जिक्र किया है। उधर, 22 कर्मचारियों को जब पटल परिवर्तन की जानकारी मिली तो सभी ने एकदूसरे से संपर्क किया। अचानक दोपहर में सभी ने कार्य बहिष्कार का सर्वसम्मति से निर्णय लिया और कार्यालयों में ताला डालकर सहायक रजिस्ट्रार सुनीता यादव का घेराव करने निकल पड़े। उन्होंने बगैर किसी पूर्व सूचना के अचानक पटल परिवर्तन किए जाने की प्रक्रिया को गलत बताकर विरोध किया।
आरोप लगाया कि जो सहायक रजिस्ट्रार के चहेते थे उन्हें छोड़कर सभी के पटल बदल दिए गए हैं। जिसपर वह राजी नहीं हैं। करीब आधे घंटे तक सहायक रजिस्ट्रार से उलझने के बाद भी उन्हें विचार या आदेश के स्थगित किए जाने का कोई आश्वासन तक नहीं मिला। जिस पर कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया। मामला बढ़ता देख सहायक रजिस्ट्रार, रजिस्ट्रार के पास चलीं गईं। सहायक रजिस्ट्रार सुनीता यादव का कहना था कि नियमानुसार पटल परिवर्तन किया गया है। नियमानुसार काफी दिनों से जिन कर्मचारियों के पटल नहीं बदले गए थे, सिर्फ उन्हीं को दूसरी जिम्मेदारियां दी गई हैं। कर्मचारियों का विरोध गलत है।
धक्कामुक्की के बाद भी नहीं जमा हो सके परीक्षा फार्म
विश्वविद्यालयों की मुख्य परीक्षाओं के लिए कॉलेजों में छात्रों की ओर से एक अप्रैल तक जमा हुए परीक्षा फार्म मंगलवार को कॉलेजों की ओर से विश्वविद्यालय में जमा किए जाने थे, लेकिन कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की वजह से फार्म जमा करने का कार्य प्रभावित रहा। सहायक रजिस्ट्रार से कोई आश्वासन न मिलने से आक्रोशित कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकलकर फार्म जमा करने की प्रक्रिया को भी बंद कराने पहुंचे। ऐसे में कॉलेजों से फार्म जमा करने पहुंचे कॉलेजों के कर्मचारियों ने किसी तरह फार्म जमा करने के लिए सहायक रजिस्ट्रार को राजी किया तो विश्वविद्यालय के पहले से ही कार्य बहिष्कार की घोषणा कर चुके कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी हुई और धक्कामुक्की भी हुई। हालांकि उच्चाधिकारियों ने दोनों को समझाकर शांत कराया।