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Bareilly News: पिता के हत्यारे की गिरफ्तारी के लिए शव रखकर थाने में किया हंगामा

Sun, 21 Jun 2026 01:23 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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फरीदपुर (बरेली)। ढकनी गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर पिता की हत्या के मामले में पोस्टमाॅर्टम के बाद परिजन शनिवार को एंबुलेंस से शव लेकर सीधे थाने पहुंचे। आरोपी बेटे, बहू व बेटे के ससुराल वालों की गिरफ्तारी पर अड़ गए और हंगामा किया। जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन मिला तो परिजन शव गांव ले गए।
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परिजनों के मुताबिक, ढकनी गांव निवासी डालचंद्र राठौर उर्फ डोरीलाल के घर सोमवार सुबह जमीन के बंटवारे को लेकर झगड़ा हो रहा था। बेटा-बहू दोनों मिलकर पुष्पा को पीटने लगे। डोरीलाल पत्नी पुष्पा को बचाने गए तो दोनों ने उनको पकड़ लिया। हॉकी व बंका से प्रहार किए। इससे डोरीलाल का सिर कई जगह से फट गया था। परिजनों ने उनको बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया और बेटे-बहू व उसके मायके वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराई।
शुक्रवार दोपहर अस्पताल में डोरीलाल की मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमाॅर्टम के बाद मृतक के परिजन एंबुलेंस से शव लेकर फरीदपुर थाने पहुंचे। आक्रोशित परिजनों ने गिरफ्तारी न होने पर आक्रोश जताया। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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बरसों से जुल्म सह रहे थे बुजुर्ग दंपती
फरीदपुर। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना में बुजुर्ग डोरीलाल को अपनी जान गंवानी पड़ी। डोरीलाल व उनकी पत्नी पुष्पा काफी समय से बेटे और बहू के अत्याचार को चुपचाप सह रहे थे। उन्होंने छह साल पहले बड़े बेटे गोपीचंद्र की शादी पीलीभीत के महादेवा गांव निवासी ज्ञानदेवी से की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही बहू ने पीटकर पुष्पा का हाथ तोड़ दिया था। समाज और लोकलाज के डर से वह खामोश रहीं। लाचार दंपती अपने दो अन्य बेटों का पालन-पोषण कर रहे थे। बेटे-बहू ने उन्हें सहारा देना बंद कर दिया। रोटी भी नहीं देते थे। बुजुर्ग ठेले पर हल्दी-मिर्च और मसाले बेचकर गुजारा करते थे। कुछ पैदावार उनकी आठ बीघा जमीन से आ जाती थी। इसी जमीन में हिस्सा लेने के लिए बेटा और बहू पीटने लगे। कई बार गांव में लोगों ने पंचायत कराई पर नतीजा नहीं निकला।
छोटे बेटे ने दी मुखाग्नि
बुजुर्ग डालचंद्र का अंतिम संस्कार उनके सबसे छोटे बेटे प्रदीप ने किया। परिवार के लोगों ने आरोपी गोपीचंद्र की ससुराल में सूचना भिजवाई, पर वह अपने पिता के अंतिम संस्कार पर नहीं आया।
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