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UP Weather: भयंकर ठंड की चपेट में रुहेलखंड, शीतलहर से कांपे लोग, बरेली में कोल्ड डे का अलर्ट

Thu, 02 Jan 2025 11:24 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

UP Weather News: बरेली में सर्द पछुआ हवा की वजह से शीतलहर का दौर 72 घंटों से जारी है। गुरुवार सुबह भी सूरज का दर्शन नहीं हुए। सर्द हवा नश्तर से चुभ रही है। तापमान में गिरावट होने से गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। 
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शीतलहर से ठिठुरे शहरवासी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पछुआ हवा से पारा उल्टी चाल चल रहा है। बरेली समेत पूरा रुहेलखंड क्षेत्र कड़ाके की ठंड से चपेट में है। नए साल के पहले दिन बरेली शहर कोहरे की गिरफ्त में रहा। सर्द हवा शहरवासियों को ठिठुराती रही। दिनभर लोग धूप के लिए तरसते रहे। अधिकतम तापमान दो डिग्री लुढ़ककर सामान्य से सात डिग्री कम 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान एक डिग्री लुढ़ककर सामान्य से तीन डिग्री कम 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। गुरुवार को भी शीतलहर का प्रकोप जारी है। 

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मौसम विभाग ने घना कोहरा छाने और शीत दिन का येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान में दो से तीन डिग्री गिरावट का पूर्वानुमान है। कड़ाके की ठंड से शहर की कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही और बाजारों में ग्राहकों की तादाद आम दिनों के सापेक्ष खासी कम रही। सार्वजनिक स्थलों पर लोग अलाव सेंकते नजर आए। 

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र से जारी बुलेटिन के अनुसार, पहाड़ों से आ रही सर्द पछुआ हवा की वजह से मैदानी इलाकों में शीतलहर का दौर 72 घंटों से जारी है। बुधवार शाम चार बजे से ही शहर में अंधेरा सा छाने लगा। हवा चलने से शहर में कोहरा का असर कम रहा, पर बाहरी इलाकों में कोहरे की घनी चादर तनी रही। गुरुवार को भी ऐसा ही मौसम है। कोहरा और बादल छाए होने से सुबह 11 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए। शीतलहर कंपकंपी छुड़ा रही है। पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में सर्दी का प्रकोप जारी है। 

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सर्दी से बचाव के लिए आग तापते लोग - फोटो : अमर उजाला
सर्दी से बचाव के उपाय
  • कोहरा, धुंध होने पर मास्क जरूर लगाएं।
  • गर्म कपड़ों से हाथ, पैर, कान को ढके रहें।
  • रात में यात्रा न करें। मौसमी फल, सब्जियां खाएं।
  • अंगीठी, ब्लोअर चलाएं, पर वेंटिलेशन रखें।
  • सुबह-शाम घर से न निकलें। गुनगुना पानी पीएं।
  • तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लें।

ओपीडी में घटे 40 फीसदी मरीज
ठंड के असर से जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की तादाद भी घटने लगी है। यहां आमदिनों में एक हजार से ज्यादा मरीजों के पर्चे बनते हैं, पर बृहस्पतिवार को करीब छह सौ ही नए पर्चे बने। लिहाजा, दोपहर एक बजे तक पर्चा काउंटर लगभग खाली हो गया। ओपीडी में भी मरीजों की कतार कम रही। पैथोलॉजी में रोजाना औसतन हो रही तीन सौ जांचों का आंकड़ा घटकर दो सौ पर आ ठिठका।

माइल्ड निमोनिया की चपेट में बच्चे और बुजुर्ग
फिजिशियन डॉ. वैभव शुक्ला के मुताबिक ओपीडी में इलाज के पहुंच रहे मरीजों में ज्यादातर श्वांस रोगी हैं। उनमें सांस फूलने, माइल्ड निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। उन्हें भर्ती किया जा रहा है। इमरजेंसी में भर्ती मरीजों में से करीब 40 फीसदी सांस के मरीज हैं, जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है। चाइल्ड ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे बच्चों में ब्रोंकाइटिस, बुखार, कोल्ड डायरिया के केस ज्यादा हैं।

शीतलहर का असर, दो दिन में 75 मेगावाट बढ़ी बिजली की खपत
शीतलहर के प्रकोप के साथ शहर में दो दिनों में बिजली की खपत में 75 मेगावाट का इजाफा हुआ है। 30 दिसंबर तक शहर में बिजली की खपत रोजाना औसतन 350 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 425 मेगावाट के पार पहुंच गई है। आने वाले दिनों में खपत और बढ़ेगी। शहर के चार वितरण खंडों में 26 बिजली उपकेंद्रों के जरिये 2.50 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। पिछले दिनों मौसम ठीक रहा तो बिजली की मांग भी कम रही। अब शीतलहर के साथ मांग बढ़ने लगी है। 
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बिजली निगम के आंकड़ों पर गौर करने तो पूरे दिसंबर शहर में रोजाना औसतन 350 मेगावाट बिजली की खपत हुई है। 31 दिसंबर को खपत बढ़कर 425 मेगावाट जा पहुंची। एक जनवरी को उपभोक्ताओं ने 435 मेगावाट बिजली खर्च की है। शहर में ज्यादा भार विद्युत वितरण खंड प्रथम और तृतीय पर बढ़ा है। लाइन लॉस के मामले में द्वितीय और चतुर्थ खंड आगे हैं। बिजली निगम के मुख्य अभियंता शहरी रणविजय सिंह ने बताया कि शहर के किसी भी उपकेंद्र पर ओवरलोडिंग की स्थिति नहीं है। 
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