सर्दी से बचाव के लिए आग तापते लोग
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सर्दी से बचाव के उपाय
- कोहरा, धुंध होने पर मास्क जरूर लगाएं।
- गर्म कपड़ों से हाथ, पैर, कान को ढके रहें।
- रात में यात्रा न करें। मौसमी फल, सब्जियां खाएं।
- अंगीठी, ब्लोअर चलाएं, पर वेंटिलेशन रखें।
- सुबह-शाम घर से न निकलें। गुनगुना पानी पीएं।
- तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
ओपीडी में घटे 40 फीसदी मरीज
ठंड के असर से जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की तादाद भी घटने लगी है। यहां आमदिनों में एक हजार से ज्यादा मरीजों के पर्चे बनते हैं, पर बृहस्पतिवार को करीब छह सौ ही नए पर्चे बने। लिहाजा, दोपहर एक बजे तक पर्चा काउंटर लगभग खाली हो गया। ओपीडी में भी मरीजों की कतार कम रही। पैथोलॉजी में रोजाना औसतन हो रही तीन सौ जांचों का आंकड़ा घटकर दो सौ पर आ ठिठका।
माइल्ड निमोनिया की चपेट में बच्चे और बुजुर्ग
फिजिशियन डॉ. वैभव शुक्ला के मुताबिक ओपीडी में इलाज के पहुंच रहे मरीजों में ज्यादातर श्वांस रोगी हैं। उनमें सांस फूलने, माइल्ड निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। उन्हें भर्ती किया जा रहा है। इमरजेंसी में भर्ती मरीजों में से करीब 40 फीसदी सांस के मरीज हैं, जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है। चाइल्ड ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे बच्चों में ब्रोंकाइटिस, बुखार, कोल्ड डायरिया के केस ज्यादा हैं।
शीतलहर का असर, दो दिन में 75 मेगावाट बढ़ी बिजली की खपत
शीतलहर के प्रकोप के साथ शहर में दो दिनों में बिजली की खपत में 75 मेगावाट का इजाफा हुआ है। 30 दिसंबर तक शहर में बिजली की खपत रोजाना औसतन 350 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 425 मेगावाट के पार पहुंच गई है। आने वाले दिनों में खपत और बढ़ेगी। शहर के चार वितरण खंडों में 26 बिजली उपकेंद्रों के जरिये 2.50 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। पिछले दिनों मौसम ठीक रहा तो बिजली की मांग भी कम रही। अब शीतलहर के साथ मांग बढ़ने लगी है।
बिजली निगम के आंकड़ों पर गौर करने तो पूरे दिसंबर शहर में रोजाना औसतन 350 मेगावाट बिजली की खपत हुई है। 31 दिसंबर को खपत बढ़कर 425 मेगावाट जा पहुंची। एक जनवरी को उपभोक्ताओं ने 435 मेगावाट बिजली खर्च की है। शहर में ज्यादा भार विद्युत वितरण खंड प्रथम और तृतीय पर बढ़ा है। लाइन लॉस के मामले में द्वितीय और चतुर्थ खंड आगे हैं। बिजली निगम के मुख्य अभियंता शहरी रणविजय सिंह ने बताया कि शहर के किसी भी उपकेंद्र पर ओवरलोडिंग की स्थिति नहीं है।