उत्तर प्रदेश की सपा सरकार बुजुर्ग नागरिकों को शासकीय खर्च पर हरिद्वार और ऋषिकेश की तीर्थ यात्रा कराएगी। नौ मार्च से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए मंडल मुख्यालय वाले जिलों से 20-20 और पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर जैसे जिलों से 10-10 बुजुर्गों का वरिष्ठता के आधार पर चयन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ से 115 यात्री होेंगे।
धर्मार्थ कार्य विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में लिखा है कि तीर्थयात्रा रेलवे के उपक्रम आईआरसीटीसी के सहयोग से कराई जा रही है। इसके आईआरसीटीसी एक विशेष ट्रेन किराए पर लेगी। नौ मार्च को लखनऊ से रवाना होने वाली ट्रेन में 1044 यात्रियों की बर्थ आरक्षित रहेगी। हर कोच में एक बर्थ सुरक्षा कर्मी और एक टूर सहचर के लिए होगा। आईआरसीटीसी यात्रा के दौरान हर यात्री का दुर्घटना बीमा कराएगा। यात्रियों को इसमें सिर्फ शाकाहारी भोजन मिलेगा। सुबह की चाय, सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम की चाय (सिर्फ ट्रेन में) और रात का खाना यात्रियों को दिया जाएगा। हरिद्वार में साफ और स्वच्छ धर्मशाला, डॉरमेट्री या होटल साझेदारी के आधार पर उपलब्ध होगा। हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच नॉन एसी बसें (45 से 55 सीटर) उपलब्ध कराई जाएंगी। छह बर्थ वाली एक केबिन आईआरसीटीसी स्टाफ के लिए होगी। एक चिकित्सक और दो नर्स के लिए भी बर्थ आरक्षित होंगे। हां, यह सुविधा वरिष्ठ नागरिक को जीवन में एक बार ही अनुमन्य होगी।
तीर्थ यात्रियों के चयन की प्रक्रिया
प्रदेश के मूल निवासी बुजुर्ग नागरिकों को आवेदन 20 जनवरी तक डीएम के पास निर्धारित प्रारूप में जमा करना है। इसमें निवास, जन्म तिथि, स्वस्थता प्रमाण पत्र और दो फोटो भी लगाने हैं। तय मानकों के तहत डीएम 31 जनवरी तक आवेदनों की समीक्षा कर पात्रता सूची पहली फरवरी को शासन को देंगे। इसमें पांच लोग वेटिंग लिस्ट में होंगे। फिर 10 फरवरी तक शासन चयनित यात्रियों की सूची आईआरसीटीसी को सौंपेगा।