यूपी टेरर फंडिंग के मास्टर माइंड बताए गए इज्जतनगर के गांव परतापुर के रहने वाले सिराजुद्दीन उर्फ सिराज की हार्ट अटैक के बाद लखनऊ में मौत हो गई। सिराज लखीमपुर खीरी जिला जेल में बंद था जहां तबीयत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया था।
नेपाल से हो रही टेरर फंडिंग के मामले में तीन महीने पहले बरेली के इज्जतनगर के गांव परतापुर के सिराजुद्दीन उर्फ सिराज (32) और सदाकत समेत कई लोगों के खिलाफ लखीमपुर खीरी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कई दिनों की छानबीन और दौड़भाग के बाद एटीएस ने 17 अक्तूबर 19 को सिराज को गिरफ्तार किया था। वह लखीमपुर खीरी जेल में बंद था।
सूत्रों के मुताबिक रविवार रात जेल में उसे दिल का दौरा पड़ा और फिर उसे वहां के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ ले जाया गया। लखनऊ के केजीएमयू में उसकी मौत हो गई। सिराज की मौत की सूचना पर उसके घरवाले लखनऊ रवाना हो गए। लखीमपुर खीरी जेल के अधीक्षक आरबी पटेल ने भी देर रात अमर उजाला से बातचीत में सिराज की मौत की पुष्टि की। टेरर फंडिंग का दूसरा आरोपी सदाकत भी लखीमपुर खीरी जेल में बंद है। सिराज की सोमवार को कोर्ट में पेशी थी।