बरेली में गुरुवार को सपा के संजीव सक्सेना और उनके बेटे निर्दलीय सागर सक्सेना ने नामांकन पत्र वापस ले लिया। इसके बाद अब मेयर पद पर दावेदारी के लिए मैदान में 13 प्रत्याशी डटे हैं।
बरेली में पर्चों की वापसी के साथ ही अब नगर निकाय चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। गुरुवार को मेयर, पार्षद, नगर पालिका और पंचायत अध्यक्ष और सदस्य पद के कुछ दावेदारों ने अपने पर्चे वापस ले लिए। मेयर पद के प्रमुख प्रत्याशियों से उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि और चुनावी मुद्दे जानने की कोशिश की गई। मेयर बनने के बाद उनकी प्राथमिकता जानने का भी प्रयास किया गया।
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भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा के प्रत्याशियों ने इस पर अपनी बात रखी। हालांकि, प्रत्याशियों ने मजबूत पक्ष तो बताया मगर कमजोर पक्ष को छिपाते रहे। चुनौतियां सभी प्रत्याशियों के सामने हैं। भाजपा प्रत्याशी के सामने जहां विपक्षियों के आरोपों से पार पाने की चुनौती होगी। वहीं, सपा समर्पित प्रत्याशी को टिकट विवाद से पार पाकर सबका समर्थन जुटाने की चुनौती होगी। कांग्रेस व बसपा प्रत्याशियों के समक्ष अपने कोर वोटरों को जोड़े रखने की चुनौती होगी।
भारतीय जनता पार्टी
प्रत्याशी : डॉ. उमेश गौतम
उम्र : 53 वर्ष
शिक्षा : स्नातक
राजनीतिक पृष्ठभूमि : 2017 में भाजपा से बरेली के मेयर रहे।
प्राथमिकताएं : छह माह में कुतुबखाना पुल निर्माण, तीन माह में अर्बन हाट का निर्माण पूरा कराकर एक लाख जरी, जरदोजी और बेंत से जुड़े कारीगरों की आय बढ़ाना।
मजबूत पक्ष : विकास की राजनीति। जलभराव से निजात, स्ट्रीट लाइटें, पेयजल, एसटीपी, सीवर लाइन आदि।
कमजोर पक्ष : कोई नहीं।
प्रत्याशी : डॉ. इकबाल सिंह तोमर
उम्र : 76
शिक्षा : एमबीबीएस, एमएस सर्जरी
राजनीतिक पृष्ठभूमि : साल 2008 और 2012 में दो बार निर्दलीय मेयर बने।
प्राथमिकताएं : भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, कूड़ा प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, सुभाषनगर अंडरपास निर्माण।
मजबूत पक्ष : जनता ने दो बार मेयर चुना। श्यामगंज-शाहदाना पुल निर्माण। बेदाग छवि।
कमजोर पक्ष : कोई कमजोरी नहीं मानता हूं। बस शासन-प्रशासन पक्षपात न करे।
कांग्रेस
नाम : डॉ. कुलभूषण त्रिपाठी
उम्र : 39
शिक्षा : पीएचडी
राजनीतिक पृष्ठभूमि : प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस
प्राथमिकताएं : स्मार्ट सिटी में हुए भ्रष्टाचार की जांच
मजबूत पक्ष : उच्च शिक्षित, संवेदनशील, बेदाग छवि और विनम्रता
कमजोर पक्ष : अत्यधिक भावुकता में कभी कभार नुकसान उठा जाना
बहुजन समाज पार्टी
नाम : यूसुफ खान
उम्र : 51
शिक्षा : हाईस्कूल
राजनीतिक पृष्ठभूमि : बसपा से 2017 में बरेली से मेयर का टिकट मिला। 2022 में नवाबगंज विधानसभा से चुनाव लड़ा।
प्राथमिकताएं : पुरानी बस्तियों की खराब पड़ी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना।
मजबूत पक्ष : मेरी किसी पार्टी से लड़ाई नहीं है। मुस्लिम, अनुसूचित जाति समेत पिछड़ी जाति और सामान्य वर्ग सभी का साथ होना।
कमजोर पक्ष : कोई नहीं।
गुरुवार को सपा के संजीव सक्सेना और उनके बेटे निर्दलीय सागर सक्सेना के पर्चा वापसी के बाद मेयर पद पर दावेदारी के लिए मैदान में 13 प्रत्याशी डटे हैं। इसमें भाजपा से डॉ. उमेश गौतम, कांग्रेस के डॉ. कुलभूषण त्रिपाठी, बसपा के यूसुफ खान, समाजवादी पार्टी समर्थित डॉ. आईएस तोमर, आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मोहम्मद सरताज, आम आदमी पार्टी के भूपेंद्र कुमार मौर्य, निर्दलीय नरेश कुमार, राकेश बाबू कश्यप, इरशाद अली, बनवारी लाल, साकिर अली अल्वी, रहीस मियां, मान सिंह शामिल हैं।