डीजीपी कार्यालय व एडीजी (कानून व्यवस्था) भी उसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार एडीजी अविनाश चंद्र व डीआईजी राजेश पांडेय के संपर्क में थे। देवरनियां थाने के इंस्पेक्टर दयाशंकर ने उवैस की लोकेशन मिलने के बाद कई जगह दबिश दी, मगर हर बार वह पुलिस के पहुंचने से पहले भाग निकला।
तब प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह ने बहेड़ी थाने के इंस्पेक्टर क्राइम पंकज पंत को उवैस की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने सटीक मुखबिरी से उवैस को पकड़ लिया। चर्चा यह भी है कि संपर्कों का लाभ उठाकर पंत ने आरोपी को समर्पण के लिए मजबूर कर दिया। थाने में सीओ ने भी उससे पूछताछ की। उसे पकड़ने के बाद परिवार के लोगों व रिश्तेदारों को छोड़ दिया गया।
आरोपी के वकील बोले- कोर्ट में नहीं टिकेगी पुलिस की दलील
आरोपी उवैस गिरफ्तारी के बाद सहमा हुआ था और कुछ बोलने से बच रहा था। वहीं उसके वकील मोहम्मद आरिफ ने कहा कि उवैस को बेवजह फंसाया जा रहा है। पिछले साल भी उस पर अपहरण की फर्जी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। साल भर से कोई मामला नहीं था।
लड़की अपने ससुराल में है और उवैस अपनी आजीविका के लिए काम कर रहा था। प्रदेश सरकार के जिस बिल का अभी केवल गजट पास हुआ है, उसके आधार पर देवरनियां पुलिस ने इस तरह का मामला दर्ज कर केवल नंबर बढ़ाने का काम किया है। कोर्ट में पुलिस की कोई दलील नहीं टिकेगी।