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बरेली: धर्म परिवर्तन का आरोपी उवैस गिरफ्तार, लव जिहाद कानून के तहत दर्ज हुआ था पहला केस

Thu, 03 Dec 2020 11:28 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
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मुख्य आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2020 के तहत दर्ज पहले केस के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। योगी सरकार द्वारा लाए गए विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2020 को राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में यह पहला केस दर्ज हुआ था।
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छात्रा के पिता ने उवैस के खिलाफ बेटी पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का मामला दर्ज कराया था। 27 नवंबर को कानून बनने के कुछ घंटे बाद ही बरेली के देवरनियां थाने में यह रिपोर्ट दर्ज हुई थी। प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह ने इंस्पेक्टर को निर्देश दिए थे कि प्राथमिकता के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार भी किया जाए। 

देवरनियां पुलिस की टीमें आरोपी उवैस को तलाश करती रह गईं, जबकि बहेड़ी थाने के इंस्पेक्टर क्राइम पंकज पंत ने बुधवार दोपहर उवैस को पकड़ लिया और थाने ले आए। थाने में उससे पूछताछ की गई और प्रभारी एसएसपी समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी। 
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बाद में आरोपी देवरनियां पुलिस को सौंप दिया गया। देवरनियां पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। देवरनियां पुलिस ने उवैस को रिछा रेलवे फाटक से गिरफ्तार किया है।

उवैस की गिरफ्तारी पर लखनऊ से थी नजर
मामला दर्ज होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद भागा उवैस पांच दिन से पुलिस को कई दिनों से बरगला रहा था। वह बेहद शातिर है और लगातार पुलिस को गच्चा दे रहा था। दबाव बनाने के लिए मंगलवार को पुलिस ने उसके बहनोई और पिता को भी हिरासत में लिया था। इसके बावजूद उसका कुछ पता नहीं चला।
 
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डीजीपी कार्यालय व एडीजी (कानून व्यवस्था) भी उसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार एडीजी अविनाश चंद्र व डीआईजी राजेश पांडेय के संपर्क में थे। देवरनियां थाने के इंस्पेक्टर दयाशंकर ने उवैस की लोकेशन मिलने के बाद कई जगह दबिश दी, मगर हर बार वह पुलिस के पहुंचने से पहले भाग निकला। 

तब प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह ने बहेड़ी थाने के इंस्पेक्टर क्राइम पंकज पंत को उवैस की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने सटीक मुखबिरी से उवैस को पकड़ लिया। चर्चा यह भी है कि संपर्कों का लाभ उठाकर पंत ने आरोपी को समर्पण के लिए मजबूर कर दिया। थाने में सीओ ने भी उससे पूछताछ की। उसे पकड़ने के बाद परिवार के लोगों व रिश्तेदारों को छोड़ दिया गया।

आरोपी के वकील बोले- कोर्ट में नहीं टिकेगी पुलिस की दलील
आरोपी उवैस गिरफ्तारी के बाद सहमा हुआ था और कुछ बोलने से बच रहा था। वहीं उसके वकील मोहम्मद आरिफ ने कहा कि उवैस को बेवजह फंसाया जा रहा है। पिछले साल भी उस पर अपहरण की फर्जी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। साल भर से कोई मामला नहीं था। 

लड़की अपने ससुराल में है और उवैस अपनी आजीविका के लिए काम कर रहा था। प्रदेश सरकार के जिस बिल का अभी केवल गजट पास हुआ है, उसके आधार पर देवरनियां पुलिस ने इस तरह का मामला दर्ज कर केवल नंबर बढ़ाने का काम किया है। कोर्ट में पुलिस की कोई दलील नहीं टिकेगी।
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