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UP: संसद में गंगवार रहे चुप... वरुण मुखर, रेखा ने जमकर की बहस; पढ़ें सात सांसदों का पांच साल का हिसाब-किताब

Sun, 24 Mar 2024 02:51 PM IST
शाहरुख खान शशांक मिश्र, अमर उजाला, बरेली

सार

बरेली मंडल और इससे सटी आसपास की सीटों में महज वरुण गांधी और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ही निजी सांसद बिल का प्रस्ताव दे पाए। उपस्थिति के मामले में सातों सांसदों का प्रदर्शन ठीक रहा। सांसदों की औसत उपस्थिति 90 फीसदी रही।
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UP Lok Sabha Election - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संसद में रुहेलखंड की आवाज उठाने में पीलीभीत सांसद वरुण गांधी सबसे मुखर रहे हैं। हालांकि उन्होंने सवाल तो खूब पूछे, लेकिन सदन की चर्चा में महज पांच बार ही शामिल हुए। धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने भी पूरे पांच साल सदन में हुईं चर्चाओं में जमकर हिस्सा लिया। 
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उन्होंने 61 चर्चाओं में शामिल होकर स्थानीय के साथ ही देश भर के मुद्दों पर हुई बहस में अपना पक्ष रखा। वहीं बरेली के सांसद संतोष गंगवार संसद में अपनी जनता की आवाज उठाने में पीछे रहे। 

यही नहीं बरेली मंडल और इससे सटी लखीमपुर खीरी व धौरहरा सीट के सात सांसदों में महज वरुण गांधी और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ही निजी सांसद बिल का प्रस्ताव दे पाए। वर्ष 2019 से इस कार्यकाल के पूरा होने तक सबसे ज्यादा वरुण ने पांच और टेनी ने चार बिल के प्रस्ताव दिए। हालांकि प्राइवेट बिल लंबित ही हैं।
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पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बरेली मंडल और इससे सटी आंवला, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और धौरहरा लोकसभा सीट के सांसदों में सबसे कम उम्र की सांसद संघमित्रा मौर्या हैं। बदायूं सांसद ने संसद में 86 प्रश्न पूछे और 57 डिबेट में हिस्सा लिया। पांच वर्ष में इनकी उपस्थिति 98 फीसदी रही है।
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सबसे उम्र दराज और आठ बार से बरेली सांसद संतोष गंगवार की उपस्थिति तो 94 फीसदी रही, मगर वे महज एक डिबेट में शामिल हुए और नौ प्रश्न ही पूछे। आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भी सवाल तो 138 पूछे, लेकिन आठ डिबेट में ही उनकी हिस्सेदारी रही। शाहजहांपुर सांसद अरुण कुमार सागर ने 40 डिबेट में हिस्सा लिया और सदन में 172 सवाल पूछे हैं।

ट्रामा सेंटर से लेकर गोरखा को पहचान देने तक की मांग उठाई
धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने सदन में हुई बहस में 61 बार हिस्सा लिया और उन्होंने अपनी लोकसभा में ट्रॉमा सेंटर की मांग से लेकर दार्जिलिंग के गोरखा लोगों को राजनीतिक पहचान देने तक की वकालत की। देश में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने और सूडान विस्फोट के पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग भी उन्होंने सदन में की।

न्यूनतम समर्थन मूल्य और स्थाई आवास पर प्राइवेट बिल
पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित पांच प्राइवेट बिल प्रस्तुत किए। इसके साथ ही उन्हाेंने भारतीय रोजगार संहिता पर भी निजी बिल प्रस्तुत किया। खीरी सांसद अजय मिश्रा टेनी सदन में चार प्राइवेट बिल लेकर आए। इसमें उन्होंने रेलवे पटरी के किनारे रहने वालों के स्थाई आवास की मांग की और बाढ़ पीड़ितों के लिए नेशनल बोर्ड के गठन सहित अन्य मांगें उठाईं।

सात सांसदों का पांच साल का हिसाब-किताब
संतोष गंगवार, बरेली
उम्र- 75
डिबेट - 1
प्रश्न- 9
निजी सांसद बिल- 0
संसद में उपस्थिति- 94 फीसदी

संघमित्रा मौर्या, बदायूं
उम्र- 39
डिबेट - 57
प्रश्न- 86
निजी सांसद बिल- 0
संसद में उपस्थिति- 98 फीसदी

रेखा वर्मा, धौरहरा
उम्र- 50
डिबेट - 61
प्रश्न- 92
निजी सांसद बिल- 0
संसद में उपस्थिति- 83 फीसदी

अरुण कुमार सागर, शाहजहांपुर
उम्र- 47
डिबेट - 40
प्रश्न- 172
निजी सांसद बिल- 0
संसद में उपस्थिति- 92 फीसदी

अजय मिश्रा टेनी, लखीमपुर खीरी
उम्र- 63
डिबेट -56
प्रश्न- 160
निजी सांसद बिल- 4
संसद में उपस्थिति- 96 फीसदी

वरुण फिरोज गांधी, पीलीभीत
उम्र- 43
डिबेट - 5
प्रश्न- 206
निजी सांसद बिल- 5
संसद में उपस्थिति- 79 फीसदी
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धर्मेंद्र कश्यप, आंवला
उम्र- 55
डिबेट - 8
प्रश्न- 138
निजी सांसद बिल- 0
संसद में उपस्थिति- 93 फीसदी
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