शारदा नदी ने वर्ष 2021-22 में सदर तहसील के करदैया मानपुर अहिराना और इससे सटे मझरी गांव में तबाही मचाई थी। नदी में करीब 200 घर समा गए थे। वर्ष 2023 में बचे 50 घर और एक सरकारी स्कूल भी नदी ने आगोश में ले लिया था।
उस समय कटान पीड़ित सड़क पर आ गए थे, तब सरकार ने पीड़ितों को मिलपुरवा और मौलापुरवा में ढाई डिसमिल जगह और मकान के हिसाब से मुआवजा बांटा था। आरोप है कि उस क्षेत्र के 20 ग्रामीण ऐसे थे, जिन्हें मुआवजा के स्थान पर सिर्फ आश्वासन मिला।
अहिराना गांव के मुनीम, राधेश्याम, चंद्रिका, मीना देवी, लक्ष्मी, सुमन, गुड़िया देवी, परसुराम, गोविंद, राजेश, उमाशंकर, कमल किशोर, रामलखन, अनिरुद्ध, शिवशंकर का आरोप है कि उन्हें प्रशासन की ओर से कोई लाभ नहीं मिला है। इनका कहना है कि हमें मात्र वोट बैंक समझा जाता है। कोई जनप्रतिनिधि भी दोबारा सुध लेने नहीं आया।