फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: विदेश से फंडिंग की आशंका... 15 वर्षों से धर्मांतरण का नेटवर्क, प्रार्थना सभा के नाम पर झांसा देते थे शातिर

Sun, 27 Jul 2025 01:43 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर में भोलेभाले लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित कराने के आरोप में पुलिस ने दंपती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिंधौली में प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों का धर्मांतरण कराते थे।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शाहजहांपुर के सिंधौली में धर्मांतरण कराने के आरोप में पकड़े गए तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी। आरोपी करीब 15 वर्षों से प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों को वरगलाकर धर्मांतरण करा रहे थे। अब तक कितने लोगों का धर्मांतरण किया गया, यह पूछताछ में सामने आएगा। 
विज्ञापन


पुलिस फंडिंग करने वाली तमिलनाडु की संस्था के संबंध में जानकारी जुटा रही है कि उसने किन संस्थाओं को आर्थिक मदद भेजी है। पुलिस का मानना है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संस्था फंडिंग कर धर्मांतरण का खेल कराती थी।

किरन जोसुआ और उसका पति पद्मनाभन उर्फ पास्टर जोसुआ सन 2010 से सदर बाजार के चिनौर में रहकर अपने साथी असनीत मसीह के साथ प्रार्थना सभा का आयोजन कर रहे थे। जून 2024 से ये लोग सिंधौली में मकान बनाकर प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करा रहे थे।
विज्ञापन


इसके संबंध में चिनौर, सिंधौली आदि स्थानों पर रहे वाले स्थानीय लोगों ने पुलिस को साक्ष्य दिए हैं। जिन लोगों को प्रार्थना सभा में बुलाया जाता था, उनको इतनी सफाई से वरगलाया जाता था कि वे ईसाई धर्म अपनाने के बाद भी स्पष्ट तौर पर अन्य लोगों के सामने यह बात स्वीकार नहीं करते थे।

पूजा पद्धति छोड़कर ईसाई धर्म मानने लगे थे लोग
पुलिस को विवेचना के दौरान ऐसे व्यक्तियों के पड़ोसियों से जानकारी मिली कि वे लोग अपनी पूजा पद्धति छोड़कर ईसाई धर्म मानने लगे थे। नियमित तौर पर रविवार या दिन विशेष को प्रार्थना सभा में शामिल होते थे। पुलिस का यह भी मानना है कि प्रार्थना सभा में जाने पर उनको कुछ रुपये नकद दिए जाते थे। 

 

अधिकतर लोग गरीब घरों से होने के कारण रुपये के लालच में भी प्रार्थना सभा में शामिल होते थे। जब पुलिस ने सिंधौली स्थित मकान पर छापा मारा था तो वहां बाइबिल व अन्य साहित्य मिला था। 

 

दंपतियों को औलाद प्राप्ति का देते थे झांसा
इसके आधार पर प्रार्थना सभा की आड़ में सीधे-साधे, गरीब, अनपढ़ लोगों को भ्रमित किया जाता था। तीनों आरोपी प्रार्थना सभा में आने वाले व्यक्तियों को बीमारी, मानसिक चिंता व गृह क्लेश ठीक कराने, बांझ दंपतियों को औलाद प्राप्ति का झांसा देते थे।
 

साथ ही जरूरतमंद और गरीब लोगों को कपड़ा, राशन और कुछ नकद धनराशि का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित कराते थे। पुलिस को तीनों आरोपियों के फोन कॉल रिकॉर्ड से धर्म परिवर्तन करने और कराने वाले व्यक्तियों के आपस में बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी कर रही है।

पूरे जिले में फैला नेटवर्क, पुलिस करेगी जांच
ईसाई मिशनरियों का नेटवर्क पूरे जिले में फैला हुआ है। प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए वरगलाया जाता है। 20 जुलाई को ही सिंधौली के गांव कटिया बुजुर्ग में प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण कराने की सूचना पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर हंगामा किया था।
 

पुलिस ने मकान मालिक दंपती अजय व पूजा समेत चार लोगों का शांतिभंग में चालान किया था। दंपती ने 2012 में दिल्ली में ईसाई धर्म अपनाया था। आरसी मिशन थाना क्षेत्र की आनंद विहार काॅलोनी में 19 जुलाई को धर्मांतरण के विरोध में ईंट-पत्थर चले थे। मामले में मोहल्ला अहमदपुरा निवासी शिवम ने अज्ञात महिला और पुरुष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जांच में आनंद बिहार काॅलोनी निवासी एंजल और उसके पति विवेक के नाम प्रकाश में आए थे। यहां पर तीन लाख रुपये देकर धर्मांतरण कराए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस इस मामले में भी आरोपियों की बैंक डिटेल पता कर रही है। पिछले वर्ष क्रिसमस पर जैतीपुर में गैर जनपद के व्यक्ति ने वृहद स्तर पर भोज का आयोजन कराया था।

 

इसमें कई जिलों के लोग शामिल होने आए थे। ग्रामीणों की आपत्ति पर पुलिस ने कार्यक्रम रुकवा दिया था। वर्तमान में सिकंदरपुर गांव में एक परिवार प्रार्थना सभा का आयोजन करा रहा है। इससे पहले शहर की आवास विकास कॉलोनी में प्रार्थना सभा कराए जाने पर हिंदू संगठनों ने हंगामा किया था।
 

संस्था की बैंक डिटेल से सामने आएगी हकीकत
तमिलनाडु की संस्था जीसस रिडिमस मिशनरी के बैंक खाते की पूरी डिटेल मिलने का पुलिस इंतजार कर रही है। जिस तरह से खाते को चार करोड़ 60 लाख रुपये से खोला गया, उससे विदेश से फंडिंग होने की आशंका जताई जा रही है। संस्था के खाते में अब केवल 16 लाख रुपये रह गए हैं। ऐसे में चार करोड़ 44 लाख रुपये किन संस्थाओं को दिए गए, इसकी जांच की जाएगी। पुलिस का मानना है कि ये रुपये धर्मांतरण कराने वालीं संस्थाओं को दिए गए हैं। खाते की पूरी डिटेल सामने आने पर उन संस्थाओं के बारे में जानकारी हो सकेगी। इसके बाद उन संस्थाओं पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
 

स्लीपर सेल की तरह नेटवर्क
मिशनरी की फंडिंग से धर्मांतरण का नेटवर्क चलाए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे जिले में संदिग्ध गतिविधियों वाली प्रार्थना सभाओं की निगरानी शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि धर्म परिवर्तन कराने वाले लोग स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। धर्मांतरण का काम दिखाकर मिशनरियों से रुपये लेते हैं। इनमें से कुछ रुपये धर्मांतरण कराने पर खर्च करते हैं। जिले में एक हफ्ते में प्रार्थना सभा कराने के तीन मामले सामने आए हैं। ऐसे में पुलिस इस तथ्य पर भी जांच कर रही है कि इन तीनों या इनके जैसे अन्य लोग आपस में जुड़े हुए तो नहीं हैं। सभी की कॉल डिटेल चेक की जा रही है।
 

गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। उन्हें रिमांड में लेकर पूछताछ की जाएगी। फंडिंग करने वाली संस्था की बैंक डिटेल आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश द्विवेदी, एसपी

धर्मांतरण कराने पर दंपती समेत तीन गिरफ्तार
भोलेभाले लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित कराने के आरोप में पुलिस ने दंपती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिंधौली में प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों का धर्मांतरण कराते थे। तमिलनाडु के रहने वाले आरोपी के खाते में तमिलनाडु, मुंबई और गाजियाबाद की चार संस्थाओं से 25 लाख रुपये आए थे। पुलिस फंड देने वाली संस्थाओं की जांच कर रही है।
 

20 जुलाई को सिंधौली कस्बे के एक मकान में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराए जाने की सूचना पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे। हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने विवेचना शुरू की तो इसमें धर्मांतरण के लिए फंडिंग के तथ्य सामने आने लगे।
 

पुलिस ने शनिवार सुबह 10:45 बजे नियामतपुर चौराहे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जांच में सामने आया कि लखीमपुर के संपूर्णानगर की रहने वाली किरन जोसुआ, तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के शिवलिंगपुरम थाना क्षेत्र के सिगानल्लूर निवासी उसका पति पद्मनाभन उर्फ पास्टर जोसुआ और निगोही के राघवपुर सिकंदरपुर गांव का असनीत राठौर उर्फ असनीत मसीह हर रविवार को ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा का आयोजन करते थे।

सिंधौली क्षेत्र के सीधे-साधे, निर्धन और अनपढ़ व्यक्तियों को वरगलाकर ईसाई धर्म में परिवर्तित कराते थे। लोगों की बीमारी ठीक करने, बांझपन दूर करने, गृह क्लेश खत्म करने का झांसा देते थे। साथ ही गरीब लोगों को कपड़ा, राशन व आर्थिक मदद देकर वरगलाते थे। एसपी ने बताया कि पद्मनाभन के एसबीआई और बैंक आफ बड़ौदा के खातों में जीसस रिडिमस मिशनरी, तमिलनाडु, मिशनरी यूपी होल्डर ट्रस्ट, मुंबई, द पाकेट सिस्टामेट थाम्सप्लेट हाट्स संस्था, मुंबई और पीटीआई इंडिया ट्रस्ट, गाजियाबाद से 25,75,642 रुपये आर्थिक मदद दिए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
 

फंडिंग करने वाली संस्था जीसस रिडिमस मिशनरी का खाता 16 मई 2017 को खोला गया था जिसमें ओपनिंग बैलेंस के रूप में चार करोड़ 60 लाख रुपये डाले गए थे। इस खाते से इसी प्रकार की संस्थाओं को यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से फंडिंग की गई। संस्था के खाते में अब केवल 16 लाख रुपये बचे हैं। इसे होल्ड कराकर संस्था की ओर से किए गए लेनदेन की जांच कराई जा रही है।
 
विज्ञापन

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। जिनका धर्म परिवर्तन किया है, वे सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन इसके पुख्ता सुबूत मिले हैं कि कई लोगों का धर्मांतरण किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें