फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी पुलिस का कारनामा: डीजल चोरी कर पेट्रोल पंप पर बेचते थे, वीडियो वायरल होने पर एसएसपी ने लिया कड़ा एक्शन

Sun, 20 Sep 2026 09:42 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाही (बरेली)

सार

शाही थाना प्रभारी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर कड़ा एक्शन लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने आरोपी हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार और कांस्टेबल मोंटी कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 
विज्ञापन
कैमरे में कैद डीजल चोर पुलिस वाले - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां आपातकालीन सेवा 112 (पीआरवी) से जुड़े पुलिसकर्मियों पर सरकारी वाहन का डीजल चोरी कर बेचने और उसकी अवैध रकम वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है। 

विज्ञापन


कैसे चलता था डीजल चोरी का खेल?
पुलिस को दी गई शिकायत और वायरल साक्ष्यों के अनुसार, यह पूरा अवैध खेल दुनका चौकी क्षेत्र में चलने वाली 112 सेवा की गाड़ी के डीजल को लेकर चल रहा था। पीआरवी वाहन के चालक और कर्मी कथित तौर पर गाड़ी का डीजल चोरी करके पेट्रोल पंप के कर्मचारियों के माध्यम से खुलेआम बेचते थे। इसके बाद बिक्री से मिलने वाली पूरी रकम भी उन्हीं पेट्रोल पंप कर्मचारियों से वसूल की जाती थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार, कांस्टेबल मोंटी कुमार और होमगार्ड मुकेश शर्मा कथित रूप से पंप पर डीजल बेचते और पैसे लेते हुए साफ नजर आ रहे हैं।   

एसएसपी ने की कड़ी कार्रवाई, दो निलंबित
मामले के तूल पकड़ने और शाही थाना प्रभारी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर कड़ा एक्शन लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने आरोपी हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार और कांस्टेबल मोंटी कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, दोनों के खिलाफ विभागीय जांच (डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी) के आदेश भी दे दिए गए हैं। 
विज्ञापन

छवि पर उठ रहे सवाल
इसके अलावा, इस कृत्य में संलिप्त होमगार्ड मुकेश शर्मा के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट को भी आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है। इस तरह की घटनाओं से पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठ रहे हैं, और उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भीकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें