बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने शिक्षा मंत्रालय का एक प्रोजेक्ट तैयार किया हैं, जिसका उद्देश्य छात्रों का कौशल विकास करना है। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने के बाद मंत्रालय भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर इसे नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसमें विषय से संबंधित टॉपिक का छात्र प्रेक्टिकल भी कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में सहायक प्रो. डॉ. मीनाक्षी द्विवेदी को योजना का समन्वयक बनाया गया है। उनका कहना है कि शिक्षा मंत्रालय के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद की ओर से नई शिक्षा नीति के तहत कई बदलाव किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक है छात्रों का कौशल विकास करना। योजना को नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है। टीम ने चार विषयों का पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसमें समाज विज्ञान, गणित, हिंदी और विज्ञान शामिल है, हर विषय में 20 पाठ तैयार किए गए हैं।
हुनरमंद भी होंगे छात्र
टीम में शामिल डॉ. रामबाबू सिंह ने बताया कि बच्चों के पाठ्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा को जोड़ा जा रहा है। समाज विज्ञान में छात्रों को हैंडीक्राॅफ्ट, स्टोन एजके नेकलेस आदि बनाने के बारे भी बताया जाएगा। इसमें प्रेक्टिकल पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। गणित में छात्र टैक्स फाइल करना सीखेगा तो उसके लिए यह भी कमाई का एक जरिया बनेगा। विज्ञान में ऐसे पाठ जोड़े जा रहे हैं, जिनसे वह रोजमर्रा जीवन में विज्ञान का महत्व समझ सकेंगे। डॉ. मीनाक्षी के अतिरिक्त डॉ. गौरव राव और डॉ. सुरेंद्र सिंह भी पाठ्यक्रम को तैयार करने वाली टीम का हिस्सा हैं। प्रोजेक्ट को तैयार कर मंत्रालय भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद इसे पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा।