बरेली। आरएम दीपक चौधरी को परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरबर के नोटिस के बाद शनिवार को 25 से कम सवारियों वाली 32 बसों को रोक दिया गया। इन बसों के यात्रियों को दूसरी बसों में शिफ्ट किया गया। चालकों-परिचालकों को भी चेतावनी दी गई है कि अगर 25 से कम सवारियां लेकर बस अड्डा से निकलते हैं तो उनसे जुर्माना वसूला जाएगा।
पिछले दिनों परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के आदेश पर एमडी मासूम अली सरकार ने 25 से कम सवारियां लेकर रोडवेज बसों के डिपो से निकलने पर रोक लगा दी थी। बरेली रीजन में आदेशों की अवहेलना होती रही। प्रदेशभर में दो दिन कराए गए सर्वे के दौरान बरेली रीजन की 137 बसों की जांच में 120 में 25 से कम सवारियां मिलीं। रीजन में अधिकारी बसों को कोहरे के बीच हादसों के खतरे के साथ घाटे में दौड़ा रहे थे। एमडी ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरएम को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा तब कुछ असर दिखा है।
नोडल अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि 25 से कम यात्रियों के साथ बस ले जाने वाले चालकों-परिचालकों की भी जिम्मेदारी तय होगी।
- सर्द मौसम और लगातार कोहरे के बीच रोडवेज ने रात्रिकालीन बस सेवाओं को निरस्त कर दिया है। इस बीच सवारियां भी नहीं निकल रही हैं। पुराना और सेटेलाइट बस अड्डा पर तीन दिन में सवारियों के आवागमन में 40 फीसदी तक की कमी आई है। दोनों बस अड्डों पर सामान्य दिनों में 20 से 25 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। त्योहार और सहालग के सीजन में यह आंकड़ा 35 हजार तक पहुंच जाता है। तीन दिनों में 13-14 हजार यात्रियों का आवागमन ही हो रहा है।