एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) कोर्सों में शामिल करने की शुरुआत कर दी है। इसी के तहत बीबीए छठे सेमेस्टर में जीएसटी का पेपर अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। छठे सेमेस्टर में अब तक पढ़ाए जा रहे वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के पेपर को हटा दिया गया है। जनवरी में शुरू हुए बीबीए छठे सेमेस्टर से ही यह लागू होगा। बोर्ड ऑफ स्टडीज में पास कराने के लिए इस पेपर को लागू किया गया है। जीएसटी का सिलेबस विश्वविद्यालय ने वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। शैक्षिक सत्र 2018-19 में अन्य कोर्सों में भी इसे शामिल करने की तैयारी है। बीकॉम, एमकॉम, एमए अर्थशास्त्र समेत कई कोर्सों में जीएसटी शामिल होगा।
पांच यूनिट का होगा पेपर
बीबीए छठे सेमेस्टर में वैट का पेपर बीबीए एन-603 कोड से पढ़ाया जाता है। हालांकि कोड नहीं बदला जाएगा। इसी कोड में जीएसटी पढ़ायी जाएगी। इसमें पांच यूनिट बनाई गई है। जीएसटी की अवधारणा, किन वस्तुओं को जीएसटी से बाहर रखा गया है, वैल्यू ऑफ टैक्सेबल सप्लाई, काम्पोजीशन और नॉन काम्पोजीशन स्कीम के तहत कोर्स को बांटा गया है।
कॉलेजों में पढ़ाया जा रहा है वैट
विश्वविद्यालय ने बीबीए छठे सेमेस्टर में जीएसटी लागू कर दिया है, लेकिन कॉलेज अब भी वैट के बारे में ही पढ़ा रहे हैं। बीबीए का छठा सेमेस्टर जनवरी में शुरू हुआ था। तबसे कॉलेज वैट ही पढ़ा रहे हैं। कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि तत्काल जीएसटी पढ़ाना शुरू करें नहीं तो छात्रों को परीक्षा में दिक्कत होगी, क्योंकि पेपर वेैट का नहीं बल्कि जीएसटी का आएगा।
बीबीए छठे सेमेस्टर से वैट के पेपर की जगह जीएसटी पढ़ाया जाएगा। कॉलेज तत्काल जीएसटी पढ़ाना शुरू करें। सिलेबस वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
-प्रोफेसर बीपी सिंह, कनवीनर बीबीए बोर्ड ऑफ स्टडीज